बुढ़वा मंगल 2026: जानें महत्व, पूजा विधि, और आरती
Budhwa mangal 2026: सर्वार्थ सिद्धि योग में आज दूसरा बड़ा मंगल व्रत आज, जानें क्यों कहते हैं बुढ़वा मंगल, महत्व, पूजा विधि, मंत्र और आरती
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बुढ़वा मंगल, जो ज्येष्ठ माह में आता है, भगवान हनुमान की पूजा का विशेष दिन है। इस दिन व्रत करने से मंगल दोष दूर होता है और जीवन में सुख-शांति आती है। 2026 में आठ बड़े मंगल मनाए जाएंगे, जिनका धार्मिक महत्व अत्यधिक है।
- 01बुढ़वा मंगल का व्रत भगवान हनुमान को समर्पित है।
- 02इस दिन पूजा करने से मंगल दोष दूर होता है।
- 032026 में कुल 8 बड़े मंगल मनाए जाएंगे।
- 04सर्वार्थ सिद्धि योग इस दिन का महत्व बढ़ाता है।
- 05पूजा विधि में हनुमान चालीसा और आरती का पाठ शामिल है।
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बुढ़वा मंगल, जो ज्येष्ठ माह के मंगलवार को मनाया जाता है, का विशेष धार्मिक महत्व है। इसे भगवान हनुमान की पूजा के लिए समर्पित किया गया है। इस दिन व्रत करने से कुंडली में मंगल दोष दूर होता है और जीवन में सुख-शांति आती है। 2026 में आठ बड़े मंगल मनाए जाएंगे, जिसमें से दूसरा बड़ा मंगल 12 मई को है। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग और अन्य शुभ योग बन रहे हैं, जिससे पूजा का फल कई गुना बढ़ जाता है। भक्त इस दिन हनुमान मंदिरों में जाकर सिंदूर, चमेली का तेल, और लाल फूल अर्पित करते हैं। पूजा विधि में सुबह स्नान के बाद हनुमान जी की आरती और चालीसा का पाठ करना शामिल है।
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बुढ़वा मंगल के अवसर पर भक्तों को हनुमान जी की कृपा प्राप्त करने का अवसर मिलता है, जिससे उनके जीवन में सुख और समृद्धि आती है।
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