जोधपुर का 568वां स्थापना दिवस: राव जोधा की वीरता और दृष्टि का उत्सव
Jodhpur @568: जब हाथ में केवल तलवार और दिल में जिद थी, तब राव जोधा ने रचा था 'जोधपुर' का इतिहास
Nbt NavbharattimesImage: Nbt Navbharattimes
12 मई 2026 को जोधपुर शहर का 568वां स्थापना दिवस मनाया जा रहा है। राव जोधा (1415-1488) ने मारवाड़ में एक शक्तिशाली साम्राज्य की नींव रखी, जिसने मेहरानगढ़ किले के निर्माण के साथ एक नया अध्याय शुरू किया। उनका साहस और कूटनीति आज भी जोधपुर की पहचान है।
- 01राव जोधा ने 1459 में मेहरानगढ़ किले की नींव रखी।
- 02उन्होंने 15 वर्षों तक संघर्ष किया और अपने साम्राज्य को पुनः स्थापित किया।
- 03उनकी कूटनीति ने मेवाड़ के साथ संबंध सुधारने में मदद की।
- 04जोधपुर का स्थापना दिवस राव जोधा के साहस का उत्सव है।
- 05मेहरानगढ़ म्यूजियम ट्रस्ट जोधपुर के इतिहास और संस्कृति को सहेजने का कार्य कर रहा है।
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आज, 12 मई 2026, जोधपुर का 568वां स्थापना दिवस है। यह दिन राव जोधा (1415-1488) की वीरता और दूरदर्शिता का प्रतीक है, जिन्होंने मारवाड़ की तपती धरती पर एक शक्तिशाली साम्राज्य की नींव रखी। अपने जीवन के संघर्षों में, जोधा ने 15 वर्षों तक वनवास किया और अंततः 1453 में मंडोर पर पुनः अधिकार कर अपना राज्य स्थापित किया। उन्होंने 12 मई 1459 को मेहरानगढ़ किले की नींव रखी, जो आज जोधपुर का प्रमुख आकर्षण है। राव जोधा की कूटनीति ने मेवाड़ के साथ संबंध सुधारने में मदद की, जिससे उनके साम्राज्य का विस्तार हुआ। उनकी विरासत आज भी जीवित है, और मेहरानगढ़ म्यूजियम ट्रस्ट इस गौरवमयी इतिहास को सहेजने का कार्य कर रहा है। जोधपुर का स्थापना दिवस केवल एक तारीख नहीं, बल्कि राव जोधा के अदम्य साहस और धैर्य का उत्सव है।
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जोधपुर का स्थापना दिवस स्थानीय संस्कृति और इतिहास को जीवित रखने का एक अवसर है। यह शहर के पर्यटन को बढ़ावा देने में मदद करता है।
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