मदर डेयरी ने लॉन्च किया देश का पहला बायो-डिग्रेडेबल दूध पाउच
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम: मदर डेयरी ने पेश किया देश का पहला इको-फ्रेंडली बायो-डिग्रेडेबल मिल्क पाउच

Image: Globalherald
मदर डेयरी ने भारत का पहला इको-फ्रेंडली बायो-डिग्रेडेबल दूध पाउच पेश किया है, जो कचरे में जाने पर मिट्टी में पूरी तरह से विलीन हो जाएगा। यह नई तकनीक 5 जून, विश्व पर्यावरण दिवस से दिल्ली-एनसीआर में उपलब्ध होगी।
- 01मदर डेयरी का नया बायो-डिग्रेडेबल पाउच पूरी तरह से प्राकृतिक रूप से मिट्टी में विलीन हो जाएगा।
- 02इस तकनीक के विकास में चार साल का समय लगा है और यह प्लास्टिक कचरे को कम करने में मदद करेगी।
- 03पाउच को सामान्य प्लास्टिक की तरह रीसायकिल भी किया जा सकता है, जिससे यह प्लास्टिक प्रदूषण के खिलाफ एक प्रभावी उपाय बनेगा।
- 04इस नई पैकेजिंग तकनीक के कारण दूध की कीमतों में कोई वृद्धि नहीं होगी।
- 05मदर डेयरी प्रतिदिन लगभग 55 लाख लीटर दूध की सप्लाई करती है, जिससे इस बदलाव का व्यापक प्रभाव होगा।
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मदर डेयरी ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए भारत का पहला इको-फ्रेंडली बायो-डिग्रेडेबल दूध पाउच लॉन्च किया है, जो कचरे में जाने पर मिट्टी में पूरी तरह से विलीन हो जाएगा। यह पाउच 5 जून, विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर दिल्ली-एनसीआर में उपलब्ध होगा। इस नई तकनीक के विकास में चार साल लगे हैं, जिसमें वैज्ञानिकों ने एक उन्नत पैकेजिंग तकनीक का उपयोग किया है। यह पाउच न केवल मिट्टी में सड़ जाएगा, बल्कि इसे सामान्य प्लास्टिक की तरह रीसायकिल भी किया जा सकता है। मदर डेयरी के प्रबंध निदेशक जयतीर्थ चारी ने बताया कि इस नई तकनीक से उपभोक्ताओं को दूध की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी। मदर डेयरी, जो प्रतिदिन लगभग 55 लाख लीटर दूध की सप्लाई करती है, का यह कदम प्लास्टिक कचरे के प्रबंधन में एक मिसाल बनेगा।
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इस नई तकनीक से दिल्ली-एनसीआर में दूध के पाउच का प्लास्टिक कचरा कम होगा।
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