सहारनपुर में आंधी-तूफान से आम उत्पादकों को भारी नुकसान, 60% फसल बर्बाद
सहारनपुर में आंधी-तूफान ने तोड़ी आम उत्पादकों की कमर, 60 फीसदी फसल हुई बरबाद

Image: Aaj Tak
सहारनपुर, जिसे आम की बेल्ट माना जाता है, में हाल के आंधी-तूफानों ने आम उत्पादकों को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। किसानों का कहना है कि लगभग 60% फसल बर्बाद हो गई है, जिससे उनके आर्थिक हालात पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।
- 01सहारनपुर में आम की फसल को तीन से चार बार आए आंधी-तूफानों ने नुकसान पहुंचाया है।
- 02किसान भूपेंद्र चौहान के अनुसार, 60% आम पेड़ों से गिर चुके हैं।
- 03आम की विभिन्न किस्में जैसे लंगड़ा, चौसा, और दशहरी प्रभावित हुई हैं।
- 04ठेकेदार सुहेल पवार ने बताया कि उन्हें 60-65% नुकसान का सामना करना पड़ा है।
- 05यदि मौसम सामान्य रहा, तो नुकसान की कुछ भरपाई हो सकती है।
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सहारनपुर, जिसे आम की बेल्ट के रूप में जाना जाता है, में हाल के दिनों में लगातार आंधी-तूफानों ने आम उत्पादकों को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। किसानों का कहना है कि इन तूफानों के कारण लगभग 60% आम पेड़ों से गिर चुके हैं, जिससे उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। मोहम्मदपुर गुर्जर गांव के किसान भूपेंद्र चौहान ने बताया कि उनके बाग में लंगड़ा, चौसा, और दशहरी जैसी आम की किस्में शामिल हैं, और पिछले साल की तुलना में इस बार नुकसान कहीं अधिक है। ठेकेदार सुहेल पवार ने भी बताया कि उनके पास 250 बीघा बाग हैं और उन्हें 60-65% नुकसान का सामना करना पड़ा है। आम कारोबार से जुड़े लोगों का मानना है कि यदि मौसम सामान्य रहा और बाजार में आम के दाम अच्छे मिले, तो कुछ हद तक नुकसान की भरपाई हो सकती है। हालांकि, मौसम की अनिश्चितता ने पूरे आम उद्योग की चिंता बढ़ा दी है।
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आंधी-तूफान के कारण आम उत्पादकों को आर्थिक नुकसान हुआ है, जिससे उनकी आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।
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