साध्वी हर्षानंद गिरि ने उज्जैन में महिलाओं की भागीदारी को लेकर गंभीर आरोप लगाए
'महिलाओं की बढ़ी भीड़ तो...', उज्जैन में साध्वी हर्षानंद गिरि का बड़ा खुलासा, संतों पर लगाया गंभीर आरोप
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साध्वी हर्षानंद गिरि ने उज्जैन के लक्ष्मीपुरा क्षेत्र में आयोजित देवी प्रवचन कार्यक्रम में महिलाओं की बढ़ती संख्या पर संतों द्वारा रोकने के प्रयासों का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को आत्मरक्षा के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे उनकी शक्ति को जागृत किया जा सके।
- 01साध्वी हर्षानंद गिरि ने कहा कि कार्यक्रम के चौथे दिन से उनके बोलने का समय कम किया गया।
- 02उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ संतों ने कार्यक्रम को सीमित करने की कोशिश की, लेकिन नाम नहीं लिए।
- 03कार्यक्रम में महिलाओं को आत्मरक्षा के लिए तलवारें वितरित की गईं।
- 04साध्वी ने बढ़ते लव जिहाद और महिलाओं के खिलाफ अपराधों के संदर्भ में आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर लगाने की योजना बनाई है।
- 05कार्यक्रम के अंत में लाखों श्रद्धालुओं ने साध्वी का समर्थन किया।
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साध्वी हर्षानंद गिरि (जिसका वास्तविक नाम हर्षा रिछारिया है) ने उज्जैन के लक्ष्मीपुरा क्षेत्र में आयोजित सात दिवसीय देवी प्रवचन एवं महानुष्ठान कार्यक्रम के समापन पर महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के शुरुआती तीन दिन सफल रहे, लेकिन चौथे दिन से उनके बोलने का समय कम किया गया और कार्यक्रम को सीमित करने की कोशिश की गई। साध्वी ने कुछ संतों पर भी आरोप लगाया, हालांकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में महिलाओं को आत्मरक्षा के लिए तलवारें वितरित की गईं, और यह आयोजन महिलाओं में चेतना जागृत करने का माध्यम बना। साध्वी ने कहा कि लव जिहाद और महिलाओं के खिलाफ अपराधों को देखते हुए आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर लगाए जाएंगे। अंत में, लाखों श्रद्धालुओं ने साध्वी का समर्थन करते हुए “हर हर महादेव” के जयकारे लगाए।
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यह कार्यक्रम महिलाओं को आत्मरक्षा के लिए सशक्त बनाने का एक माध्यम बन सकता है, जिससे वे समाज में अधिक सुरक्षित महसूस करेंगी।
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