नग्गर में श्रद्धा और परंपरा का अद्भुत मेल: शाड़ी मेला
Kullu News: नग्गर में आस्था और देव परंपरा का अद्भुत संगम

Image: Amar Ujala
कुल्लू जिले के नग्गर में शाड़ी मेले का आयोजन हो रहा है, जहां श्रद्धालु देवी-देवताओं के प्रति अपनी आस्था व्यक्त कर रहे हैं। माता त्रिपुरा सुंदरी के सम्मान में आयोजित इस मेले में पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र का वातावरण भक्तिमय हो गया है।
- 01नग्गर में शाड़ी मेले का आयोजन माता त्रिपुरा सुंदरी के सम्मान में किया जा रहा है।
- 02मेले में माता भटंति, माता चामुंडा और देवता शेष नाग विशेष रूप से उपस्थित हैं।
- 03श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में मेले में भाग ले रहे हैं, जो स्थानीय संस्कृति का प्रतीक है।
- 04मेले के दौरान ढोल-नगाड़ों और देव वाद्य यंत्रों से भक्तिमय वातावरण बना हुआ है।
- 05कारदार जोगिंद्र आचार्य ने बताया कि सभी धार्मिक परंपराओं का विधि-विधान से पालन किया जा रहा है।
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कुल्लू जिले के नग्गर में श्रद्धा और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है, जहां शाड़ी मेला आयोजित किया जा रहा है। यह मेला माता त्रिपुरा सुंदरी के पावन सम्मान में आयोजित किया गया है, जिसमें माता भटंति, माता चामुंडा और देवता शेष नाग विशेष रूप से उपस्थित हैं। मेले में श्रद्धालु अपने आराध्य देवी-देवताओं के समक्ष शीश नवाकर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं। मेले का वातावरण भक्तिमय है, जहां ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठानों के बीच रौनक बनी हुई है। श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह दिखाई दे रहा है, और वे अपनी प्राचीन देव परंपराओं के प्रति गहरी आस्था प्रकट कर रहे हैं। इस मेले में पारंपरिक वेशभूषा और लोक संस्कृति की झलक भी देखने को मिल रही है, जो इसे और भी आकर्षक बनाती है। हारियानों ने देवी-देवताओं के साथ कुल्लवी नाटी भी डाली, जिससे मेले की रौनक और बढ़ गई है। कारदार जोगिंद्र आचार्य ने बताया कि सभी धार्मिक परंपराओं और रीति-रिवाजों का पूरी श्रद्धा एवं विधि-विधान से निर्वहन किया जा रहा है।
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यह मेला स्थानीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं को जीवित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जिससे स्थानीय समुदाय में एकता और समर्पण की भावना बढ़ती है।
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