भारत और दक्षिण कोरिया के बीच रक्षा सहयोग में तेजी, चीन को मिलेगी चुनौती
चीन की छाती पर सांप लोटना तय! ड्रैगन के डर को ठेंगा दिखाकर भारत से लड़ाकू विमान, मिसाइल, पनडुब्बी डील कर रहा ये देश
Image: Nbt Navbharattimes
भारत और दक्षिण कोरिया के बीच रक्षा सहयोग तेजी से बढ़ रहा है, जिसमें पनडुब्बी, लड़ाकू विमान और मिसाइलों के संयुक्त उत्पादन पर चर्चा हो रही है। दक्षिण कोरिया ने चीन की निर्भरता को तोड़ते हुए भारत के साथ 'विशेष रणनीतिक साझेदारी' स्थापित की है, जिससे दोनों देशों की रक्षा क्षमता में वृद्धि होगी।
- 01दक्षिण कोरिया और भारत के बीच 'विशेष रणनीतिक साझेदारी' की घोषणा अप्रैल 2023 में हुई थी।
- 02भारत और दक्षिण कोरिया मिलकर K9 वज्र तोप का उत्पादन कर रहे हैं।
- 03दक्षिण कोरिया की Hanwha Ocean कंपनी भारत को एडवांस पनडुब्बी तकनीक प्रदान करने के लिए आगे बढ़ रही है।
- 04दोनों देशों के बीच भविष्य के हाई-एनर्जी लेजर हथियारों के विकास पर सहमति बनी है।
- 05भारत और दक्षिण कोरिया के रक्षा उपकरणों का निर्यात दक्षिण-पूर्व एशिया, मध्य-पूर्व और अन्य क्षेत्रों में किया जाएगा।
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भारत और दक्षिण कोरिया के बीच रक्षा सहयोग में उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है, जो चीन की बढ़ती आक्रामकता के बीच महत्वपूर्ण है। भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हाल ही में सियोल में दक्षिण कोरियाई रक्षा मंत्री के साथ बैठक की, जिसमें दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। इस बैठक में पनडुब्बियों, लड़ाकू विमानों और मिसाइलों के संयुक्त उत्पादन के अवसरों पर सहमति बनी। दक्षिण कोरिया ने भारत के साथ मिलकर 'विशेष रणनीतिक साझेदारी' की स्थापना की है, जो दोनों देशों के बीच आर्थिक और सुरक्षा सहयोग को मजबूत करेगी। इसके तहत, दक्षिण कोरिया की Hanwha Ocean कंपनी भारत को एडवांस पनडुब्बी तकनीक प्रदान कर रही है, जबकि दोनों देश मिलकर हाई-एनर्जी लेजर हथियार विकसित करने पर सहमत हुए हैं। इस सहयोग का उद्देश्य न केवल दोनों देशों की रक्षा क्षमताओं को बढ़ाना है, बल्कि दक्षिण-पूर्व एशिया और अन्य उभरते बाजारों में रक्षा उपकरणों का निर्यात भी करना है।
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यह सहयोग भारत के रक्षा उद्योग को सशक्त करेगा और देश की सुरक्षा को मजबूत करेगा।
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