सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: मध्य प्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा अब अनिवार्य
TET को लेकर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, कहा-5 साल की मोहलत काफी थी, अब परीक्षा अनिवार्य
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सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को अनिवार्य कर दिया है, यह कहते हुए कि पहले ही पांच साल की मोहलत दी जा चुकी थी। अब 1998 से 2009 के बीच नियुक्त शिक्षकों को परीक्षा पास करना आवश्यक होगा।
- 01सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षक पात्रता परीक्षा को अनिवार्य किया।
- 02पांच साल की मोहलत पहले ही दी जा चुकी थी।
- 031998 से 2009 के बीच नियुक्त शिक्षकों को परीक्षा पास करनी होगी।
- 04राज्य सरकार और शिक्षक संगठनों ने पुनर्विचार याचिका दायर की।
- 05सुप्रीम कोर्ट का फैसला शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण है।
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बुधवार को, सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) से जुड़ी लंबित याचिकाओं पर सुनवाई की और फैसला सुरक्षित रख लिया। कोर्ट ने कहा कि शिक्षकों को पहले ही पांच साल की मोहलत दी जा चुकी है, और अब परीक्षा में शामिल होना अनिवार्य होगा। जस्टिस ने स्पष्ट किया कि जिन शिक्षकों ने तय समय सीमा के भीतर परीक्षा पास नहीं की, उन्हें और कोई रियायत नहीं दी जाएगी। इस फैसले का प्रभाव उन शिक्षकों पर पड़ेगा जो 1998 से 2009 के बीच नियुक्त हुए थे और जिन्होंने परीक्षा से छूट की मांग की थी। राज्य सरकार और शिक्षक संगठनों ने इस फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर की है। इस स्थिति में, शिक्षकों से धैर्य बनाए रखने की अपील की गई है, जबकि सुप्रीम कोर्ट का अंतिम फैसला आने का इंतजार किया जा रहा है।
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यह निर्णय उन शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण है जो लंबे समय से सेवा कर रहे हैं और अब उन्हें परीक्षा पास करनी होगी।
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