सुप्रीम कोर्ट की NEET पेपर लीक पर कड़ी टिप्पणी, NTA को दी गई जवाबदेही
सुप्रीम कोर्ट ने NEET पेपर लीक पर जताई नाराजगी, कहा- NTA ने नहीं सीखा सबक
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सुप्रीम कोर्ट ने NEET UG परीक्षा के पेपर लीक मामले में एनटीए की लापरवाही पर नाराजगी जताई है। कोर्ट ने एनटीए को निर्देश दिया है कि वह 2024 में दिए गए निर्देशों का पालन करने का हलफनामा पेश करे। साथ ही, एनटीए में सुधार के लिए एक नई वैधानिक टेस्टिंग अथॉरिटी के गठन की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया है।
- 01सुप्रीम कोर्ट ने NEET पेपर लीक पर एनटीए की लापरवाही को लेकर कड़ी नाराजगी जताई।
- 02कोर्ट ने एनटीए को गुरुवार तक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है।
- 03याचिकाकर्ताओं ने एनटीए के पुनर्गठन और नई वैधानिक टेस्टिंग अथॉरिटी के गठन की मांग की है।
- 04एनटीए को निगरानी समिति की सिफारिशों का पालन करने के लिए उठाए गए कदमों का ब्यौरा देना होगा।
- 05यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट ने एनटीए की कानूनी संरचना पर सवाल उठाते हुए इसे भंग करने की मांग की है।
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सुप्रीम कोर्ट ने NEET UG परीक्षा के पेपर लीक मामले में निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने पिछले लीक से कोई सबक नहीं सीखा। कोर्ट ने केंद्र सरकार, NTA और सीबीआई को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। NTA को गुरुवार तक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया गया है, जिसमें उसे यह बताना होगा कि उसने 2024 में दिए गए निर्देशों का कितना पालन किया है। याचिकाकर्ता फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA) और यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट ने एनटीए के पुनर्गठन की मांग की है और सुझाव दिया है कि एक नई वैधानिक टेस्टिंग अथॉरिटी का गठन किया जाए। कोर्ट ने यह भी कहा कि एनटीए को निगरानी समिति की सिफारिशों का पालन करने के लिए उठाए गए कदमों का ब्यौरा देना होगा। यह मामला पहले भी कोर्ट में आ चुका है, और अब एक नई समिति के गठन की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
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NEET परीक्षा में पेपर लीक की घटनाओं से छात्रों की परीक्षा प्रक्रिया प्रभावित होती है, जिससे उनकी भविष्य की योजनाओं पर असर पड़ता है।
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