दूध के पैकेटों के रंगों का महत्व: जानें क्या दर्शाते हैं नीला, हरा और नारंगी
दूध के पैकेट नीले, हरे और नारंगी क्यों होते हैं? खरीदने से पहले जानें इनका मतलब
Aaj Tak
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दूध के पैकेटों के रंगों का उपयोग उनके प्रकार और फैट की मात्रा को दर्शाने के लिए किया जाता है। नीला पैकेट टोन्ड मिल्क, हरा स्टैंडर्ड मिल्क और नारंगी फुल क्रीम मिल्क को दर्शाता है। यह सिस्टम ग्राहकों को सही दूध चुनने में मदद करता है।
- 01दूध के पैकेटों के रंग स्वास्थ्य और शुद्धता को दर्शाते हैं।
- 02नीला पैकेट टोन्ड मिल्क, हरा स्टैंडर्ड मिल्क और नारंगी फुल क्रीम मिल्क के लिए है।
- 03दुनिया भर में दूध के रंग कोड का उपयोग किया जाता है।
- 04फुल क्रीम दूध बच्चों और एथलीटों के लिए बेहतर है।
- 05वजन घटाने वालों के लिए टोन्ड मिल्क सुरक्षित माना जाता है।
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भारत में दूध के पैकेटों के रंगों का उपयोग उनके प्रकार और फैट की मात्रा को पहचानने के लिए किया जाता है। आमतौर पर, नीला पैकेट टोन्ड मिल्क को दर्शाता है जिसमें 3 प्रतिशत फैट होता है, जबकि नारंगी पैकेट फुल क्रीम मिल्क के लिए होता है जिसमें 6 प्रतिशत फैट होता है। हरा रंग स्टैंडर्ड मिल्क को दर्शाता है जिसमें 4.5 प्रतिशत फैट होता है। यह रंग कोड ग्राहकों को बिना पैकेट के पीछे लिखे विवरण को पढ़े सही दूध चुनने में मदद करता है। अन्य देशों में भी दूध के प्रकार को पहचानने के लिए रंगों का उपयोग किया जाता है, जैसे कि ब्रिटेन में नीला पैकेट फुल फैट दूध के लिए होता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि फुल क्रीम दूध बच्चों और एथलीटों के लिए बेहतर होता है, जबकि वजन घटाने वालों के लिए टोन्ड मिल्क अधिक सुरक्षित है।
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दूध के पैकेटों के रंगों के ज्ञान से ग्राहक सही दूध का चयन कर सकते हैं, जो उनके स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है।
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