दूध के पैकेट के रंगों का महत्व: जानें क्या है अंतर
आखिर नारंगी, नीला या हरा ही क्यों होता है दूध का पैकेट? खरीदने से पहले जरूर जान लें ये फर्क
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दूध के पैकेट के रंग, जैसे नीला, हरा और नारंगी, केवल मार्केटिंग नहीं हैं, बल्कि ये दूध की फैट मात्रा और उपयोग के अनुसार भिन्न होते हैं। नीला पैकेट टोंड मिल्क, हरा डबल टोंड और नारंगी फुल क्रीम मिल्क को दर्शाता है, जो विभिन्न स्वास्थ्य जरूरतों के लिए उपयुक्त हैं।
- 01दूध के पैकेट का रंग उसकी फैट मात्रा को दर्शाता है।
- 02नीला पैकेट टोंड मिल्क के लिए, हरा डबल टोंड और नारंगी फुल क्रीम मिल्क के लिए होता है।
- 03कम फैट वाले दूध को फिटनेस के लिए बेहतर माना जाता है।
- 04दूध खरीदते समय पैकेट पर फैट प्रतिशत और एक्सपायरी डेट देखना जरूरी है।
- 05हर कंपनी में रंग का मतलब एक जैसा नहीं हो सकता।
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दूध के पैकेट के रंगों का महत्व केवल डिज़ाइन या मार्केटिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दूध की फैट मात्रा और उसके उपयोग के अनुसार भिन्न होता है। नीला पैकेट आमतौर पर टोंड मिल्क का प्रतीक है, जिसमें लगभग 3 प्रतिशत फैट होता है, जो सामान्य उपयोग के लिए उपयुक्त है। हरा पैकेट डबल टोंड मिल्क को दर्शाता है, जो कम फैट वाला होता है और फिटनेस के लिए बेहतर माना जाता है। दूसरी ओर, नारंगी पैकेट फुल क्रीम मिल्क का प्रतीक है, जिसमें फैट की मात्रा अधिक होती है, जो छोटे बच्चों और मिठाई बनाने के लिए उपयुक्त है। भारत की अधिकांश डेयरी कंपनियां रंगों का उपयोग दूध की श्रेणी बताने के लिए करती हैं, लेकिन हर ब्रांड में रंग का मतलब एक जैसा नहीं होता। इसलिए दूध खरीदते समय केवल रंग पर ध्यान देने के बजाय पैकेट पर लिखी जानकारी को भी देखना चाहिए।
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दूध के पैकेट के रंगों की जानकारी से उपभोक्ता अपनी स्वास्थ्य जरूरतों के अनुसार सही दूध का चयन कर सकते हैं।
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