प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम ने रोजगार और उद्यमिता में नया आयाम स्थापित किया
PMEGP ने बदली तस्वीर: लक्ष्य से ज्यादा रोजगार, महिलाओं और वंचित वर्गों को गांवों में मिला उद्यमिता का सहारा
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प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) ने 15वें वित्त आयोग के कार्यकाल में 36.33 लाख लोगों को रोजगार प्रदान किया, जो लक्ष्य से अधिक है। इस योजना ने महिला उद्यमिता को भी बढ़ावा दिया है, जिसमें लगभग 40 प्रतिशत लाभार्थी महिलाएं हैं।
- 01PMEGP ने 36.33 लाख लोगों को रोजगार दिया, लक्ष्य से अधिक।
- 024.03 लाख सूक्ष्म उद्योग स्थापित हुए, जो निर्धारित लक्ष्य से अधिक है।
- 03लगभग 40 प्रतिशत लाभार्थी महिलाएं हैं, जो महिला उद्यमिता को प्रोत्साहित करता है।
- 0454 प्रतिशत लाभार्थी अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्य पिछड़ा वर्ग से हैं।
- 0580 प्रतिशत उद्यम ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित हैं, जो ग्रामीण औद्योगिकीकरण को बढ़ावा देते हैं।
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प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) ने रोजगार और उद्यमिता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। इस योजना के तहत 36.33 लाख लोगों को रोजगार मिला है, जो कि निर्धारित लक्ष्य 36.18 लाख से अधिक है। इसके अलावा, 4.03 लाख सूक्ष्म उद्योग स्थापित किए गए हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में औद्योगिकीकरण को बढ़ावा मिला है। इस योजना का उद्देश्य पहली पीढ़ी के उद्यमियों को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना है। महिला उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए, लगभग 40 प्रतिशत लाभार्थी महिलाएं हैं, जबकि 45 प्रतिशत वितरित मार्जिन मनी सब्सिडी महिला उद्यमियों को दी गई है। इसके साथ ही, लगभग 54 प्रतिशत लाभार्थी अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्य पिछड़ा वर्ग से संबंधित हैं, जो सामाजिक समावेश पर योजना के फोकस को दर्शाता है।
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इस योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़े हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है।
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