बिहार में पैशन फ्रूट की खेती से किसानों को मिलेगी नई आमदनी
100 रुपए प्रति पीस वाला फल! अब बिहार में उगाकर भी हो सकती है कमाई, सांसद ने दिखाया रास्ता
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बिहार के सारण जिले के अमनौर क्षेत्र में सांसद राजीव प्रताप रूडी ने पैशन फ्रूट की खेती शुरू की है, जिससे किसानों को नई आमदनी के अवसर मिलेंगे। यह फल, जो दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों में 70 से 100 रुपये प्रति पीस बिकता है, अब बिहार के गांवों में उगाया जाएगा।
- 01पैशन फ्रूट की खेती बिहार में एक नया प्रयोग है।
- 02इस फल की कीमत बड़े शहरों में 70 से 100 रुपये है।
- 03पैशन फ्रूट की खेती के लिए जून से सितंबर का समय सबसे उपयुक्त है।
- 04यह फल विटामिन-C, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर है।
- 05सांसद का लक्ष्य इस अभियान को पूरे बिहार में फैलाना है।
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बिहार के सारण जिले के अमनौर क्षेत्र में सांसद राजीव प्रताप रूडी ने पैशन फ्रूट की खेती की शुरुआत की है, जो राज्य में एक नया प्रयोग है। यह फल, जो आमतौर पर दक्षिण भारत और उत्तर-पूर्व के राज्यों में उगाया जाता है, अब बिहार के गांवों में भी उगाया जाएगा। सांसद रूडी ने बताया कि दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों में पैशन फ्रूट की मांग बढ़ रही है, जहां इसकी कीमत 70 से 100 रुपये प्रति पीस है। यह फल न केवल स्वादिष्ट है, बल्कि विटामिन-C, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर है, जिससे यह हेल्थ ड्रिंक्स और प्रीमियम फूड प्रोडक्ट्स में लोकप्रिय हो रहा है। पैशन फ्रूट की फसल का सीजन जून से सितंबर तक होता है, और इसके फूल मार्च से मई के बीच आते हैं। सांसद का लक्ष्य इस प्रयोग को छपरा से पूरे बिहार में फैलाना है, ताकि किसान पारंपरिक खेती से हटकर अधिक लाभकारी फसलों की ओर बढ़ सकें।
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पैशन फ्रूट की खेती से बिहार के किसानों को नई आमदनी के अवसर मिलेंगे और वे पारंपरिक फसलों से हटकर अधिक लाभकारी फसलों की ओर बढ़ सकेंगे।
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