सोमनाथ मंदिर की 75वीं वर्षगांठ का ऐतिहासिक समारोह
Somnath Amrit Mahotsav: सोमनाथ की 75वीं वर्षगांठ का आज ऐतिहासिक समारोह, जानिए इस मंदिर का इतिहास
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सोमनाथ मंदिर, जो भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में पहला है, की 75वीं वर्षगांठ पर 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' का आयोजन किया जा रहा है। इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल होंगे, जो विशेष पूजा और ध्वजारोहण में भाग लेंगे। यह मंदिर आस्था और विश्वास का बड़ा केंद्र है, जहां हर साल लाखों श्रद्धालु आते हैं।
- 01सोमनाथ मंदिर को भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में पहला माना जाता है।
- 02इस साल मंदिर पर पहले हमले के 1,000 साल पूरे हुए हैं।
- 03समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विशेष पूजा में भाग लेंगे।
- 04सोमनाथ मंदिर का निर्माण चंद्रमा, रावण और भगवान श्रीकृष्ण द्वारा किया गया था।
- 05भगवान श्रीकृष्ण का भालका तीर्थ से जुड़ा ऐतिहासिक संबंध है।
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सोमनाथ मंदिर, जो गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र में स्थित है, को भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में पहला माना जाता है। इस साल, मंदिर पर पहले हमले के 1,000 साल और इसके पुनर्निर्माण के बाद 75 साल पूरे होने पर 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' का आयोजन किया जा रहा है। इस ऐतिहासिक समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल होंगे और विशेष महा पूजा, कुंभाभिषेक और ध्वजारोहण समारोह में भाग लेंगे। सोमनाथ मंदिर का इतिहास पौराणिक कथाओं से भरा हुआ है, जहां चंद्रमा ने भगवान शिव की तपस्या की थी और उनके आशीर्वाद से श्राप से मुक्ति पाई थी। यह मंदिर न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी है। भगवान श्रीकृष्ण का भालका तीर्थ से जुड़ा ऐतिहासिक संबंध भी इस स्थान की महत्ता को बढ़ाता है।
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सोमनाथ मंदिर की वर्षगांठ समारोह से स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि होगी।
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