सोमनाथ मंदिर का ऐतिहासिक पुनर्निर्माण और विशेषताएँ
सोमनाथ मंदिर की खासियत क्या है, इस पर किसने कब-कब हमला किया? यहां जानें पूरा इतिहास
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सोमनाथ मंदिर, जो 17 बार लूटा गया, का अमृत महोत्सव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मनाया जा रहा है। यह मंदिर देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से पहला है और इसका पुनर्निर्माण 1951 में हुआ था। इस ऐतिहासिक अवसर पर 90 मीटर ऊंचे शिखर पर कुंभाभिषेक किया जाएगा।
- 01सोमनाथ मंदिर का अमृत महोत्सव प्रधानमंत्री मोदी द्वारा मनाया जा रहा है।
- 02मंदिर को 17 बार लूटा गया, जिसमें गजनवी का प्रमुख हमला शामिल है।
- 03सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण 1951 में डॉ. राजेंद्र प्रसाद द्वारा किया गया था।
- 04मंदिर की ऊंचाई 155 फीट है और इसका ध्वजदंड 11 मीटर लंबा है।
- 05कुंभाभिषेक के लिए 11 तीर्थों का पवित्र जल लाया गया है।
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सोमनाथ मंदिर, जो गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र में स्थित है, का अमृत महोत्सव सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में मनाया जा रहा है। इस अवसर पर 90 मीटर ऊंचे शिखर पर कुंभाभिषेक किया जाएगा, जिसमें 11 तीर्थों का पवित्र जल शामिल है। यह मंदिर 1026 ईस्वी में महमूद गजनवी द्वारा लूटे जाने के बाद से 17 बार हमलों का शिकार हुआ है। इसके पुनर्निर्माण की प्रक्रिया 1947 में शुरू हुई, जिसे सरदार वल्लभभाई पटेल ने आरंभ किया और 1951 में डॉ. राजेंद्र प्रसाद द्वारा उद्घाटन किया गया। सोमनाथ मंदिर की ऊंचाई 155 फीट है और इसका ध्वजदंड 11 मीटर लंबा है। इस मंदिर का महत्व भारतीय संस्कृति में गहरा है और इसे 12 ज्योतिर्लिंगों में पहला माना जाता है।
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इस महोत्सव से स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि होगी।
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