क्रिकेट में बच्चों पर बढ़ता दबाव: वैभव सूर्यवंशी का उदाहरण
अगला वैभव बनाने की सनक? डरे बच्चे को तेज गेंदबाज के आगे खड़ा कर दिया
Aaj Tak
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एक वायरल वीडियो में एक 10-11 साल का बच्चा तेज गेंदबाजों के सामने खड़ा होने से डरता है, जिससे क्रिकेट में बच्चों पर बढ़ते दबाव का मुद्दा उठता है। कुछ लोग इसे 'हार्ड ट्रेनिंग' मानते हैं, जबकि अन्य इसे मानसिक दबाव के रूप में देखते हैं। क्या भारतीय क्रिकेट में बच्चों की निडरता की उम्मीदें बढ़ रही हैं?
- 01वीडियो में बच्चा तेज गेंदबाजों के सामने खड़ा होने से डरता है और कहता है, 'नहीं... मैं नहीं खेलूंगा।'
- 02एक वर्ग का मानना है कि इतनी छोटी उम्र में डर के बावजूद बच्चे को मजबूर करना गलत है।
- 03दूसरे लोग इसे 'हार्ड ट्रेनिंग' का हिस्सा मानते हैं, यह तर्क करते हुए कि बड़े खिलाड़ी बनने के लिए डर से लड़ना जरूरी है।
- 04बच्चों पर बढ़ते दबाव को लेकर बहस छिड़ गई है कि क्या वैभव सूर्यवंशी जैसे सितारों की सफलता अन्य बच्चों के बचपन का पैमाना तय कर रही है।
- 05भारतीय क्रिकेट में अब सिर्फ प्रतिभा नहीं, बल्कि 'निडर' दिखने की उम्मीदें भी बढ़ रही हैं।
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वैभव सूर्यवंशी (भारतीय क्रिकेटर) की सफलता ने क्रिकेट में बच्चों के लिए एक नया टेम्पलेट तैयार किया है, जिससे हर पिता और कोच अगला सुपरस्टार बनाने की कोशिश कर रहा है। हाल ही में एक वायरल वीडियो में, एक 10-11 साल का बच्चा तेज गेंदबाजों के सामने खड़ा होने से डरता है। उसकी कांपती आवाज सुनाई देती है, 'नहीं... मैं नहीं खेलूंगा, मुझे चोट लग जाएगी।' इसके बावजूद, एक व्यक्ति, जिसे उसका पिता या कोच माना जा रहा है, उसे मजबूर करता है कि वह बल्लेबाजी करे। यह वीडियो क्रिकेट में बच्चों पर बढ़ते दबाव का प्रतीक बन गया है। एक वर्ग इसे गलत मानता है, जबकि दूसरे इसे 'हार्ड ट्रेनिंग' का हिस्सा मानते हैं। इस बहस ने यह सवाल उठाया है कि क्या वैभव सूर्यवंशी जैसे सितारों की सफलता अब अन्य बच्चों के बचपन का पैमाना तय कर रही है। भारतीय क्रिकेट में अब निडरता की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं, जो बच्चों पर मानसिक दबाव डाल सकती हैं।
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बच्चों पर बढ़ते दबाव का असर उनके मानसिक स्वास्थ्य और खेल के प्रति रुचि पर पड़ सकता है।
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