बिहार में खेल विकास के लिए 18 नए एकलव्य केंद्रों की शुरुआत
बिहार में खेल का विकास: 29 एकलव्य केंद्रों के बाद 18 नए शुरू करने की तैयारी, मई के अंत होगी शुरूआत
Jagran
Image: Jagran
बिहार के खेल विभाग ने 29 मौजूदा एकलव्य केंद्रों के साथ 18 नए केंद्रों की स्थापना की योजना बनाई है। अपर मुख्य सचिव डॉ. बी राजेंदर ने खेल परिसरों के नियमित निरीक्षण और उत्कृष्टता केंद्रों की स्थापना पर जोर दिया है, जिससे खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और सुविधाएं मिल सकेंगी।
- 01बिहार में 29 एकलव्य केंद्र चल रहे हैं, जहां 1250 से अधिक खिलाड़ी प्रशिक्षण ले रहे हैं।
- 02मई के अंत तक 18 नए एकलव्य केंद्र शुरू करने की योजना है।
- 03खेल परिसरों का नियमित निरीक्षण स्थानीय खेल गतिविधियों को बढ़ावा देगा।
- 04प्रत्येक प्रखंड में खेल मैदानों और स्टेडियम का निरीक्षण अनिवार्य किया गया है।
- 05विशेष खेलों के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की योजना है।
Advertisement
In-Article Ad
बिहार के खेल विभाग ने खेल विकास को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। अपर मुख्य सचिव डॉ. बी राजेंदर ने जिला खेल पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे खेल परिसरों का नियमित निरीक्षण करें। वर्तमान में राज्य में 29 एकलव्य केंद्र हैं, जहां 1250 से अधिक खिलाड़ी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। विभाग ने मई के अंत तक 18 नए एकलव्य केंद्र शुरू करने की योजना बनाई है। इसके साथ ही, हर प्रखंड में खेल मैदानों और स्टेडियमों का निरीक्षण सुनिश्चित करने की बात कही गई है। डॉ. राजेंदर ने यह भी बताया कि विभिन्न जिलों में विशेष खेलों पर आधारित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की योजना है, जैसे कि किशनगंज में ताइक्वांडो और मधेपुरा में बैडमिंटन के लिए। यह कदम खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और मार्गदर्शन प्रदान करेगा।
Advertisement
In-Article Ad
यह पहल स्थानीय खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और सुविधाएं प्रदान करेगी, जिससे उनकी खेल प्रतिभा को निखारने में मदद मिलेगी।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि खेल विकास के लिए केंद्रों की संख्या बढ़ाना आवश्यक है?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।




