जोधपुर के सरकारी स्कूलों में AI के जरिए पेपर चेकिंग में क्रांति
महज 3 दिनों में 3 लाख टेस्ट पेपर चेक, जोधपुर के सरकारी स्कूलों में AI का कमाल
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राजस्थान के जोधपुर जिले में सरकारी स्कूलों में एक AI-आधारित पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है, जिसने 3 लाख टेस्ट पेपर को महज 3 दिनों में चेक किया। यह प्रणाली शिक्षकों को मैन्युअल ग्रेडिंग से मुक्ति दिला रही है, जिससे वे छात्रों की पढ़ाई पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।
- 01AI प्रणाली ने 3 लाख टेस्ट पेपर को 3 दिनों में चेक किया।
- 02पायलट प्रोजेक्ट में 70,000 से अधिक छात्रों का मूल्यांकन किया गया।
- 03मूल्यांकन अब विशिष्ट दक्षताओं पर आधारित है, न कि केवल कुल अंकों पर।
- 04इस प्रणाली से शिक्षकों को प्रशासनिक कार्यों से मुक्ति मिली है।
- 05यह पहल जोधपुर के 54 सरकारी स्कूलों में शुरू की गई थी।
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राजस्थान के जोधपुर जिले में सरकारी स्कूलों में एक AI-आधारित पायलट प्रोजेक्ट लागू किया गया है, जिसने मूल्यांकन प्रक्रिया को पूरी तरह से बदल दिया है। इस प्रणाली के तहत, मैन्युअल ग्रेडिंग की जगह एक ऑटोमेटेड सिस्टम का उपयोग किया गया है, जो पेपर को कुछ ही सेकंड में चेक कर सकता है। इस नई प्रणाली के तहत, 3 लाख टेस्ट पेपर को 3 दिनों में चेक किया गया है। इस पहल के अंतर्गत 70,000 से अधिक छात्रों का मूल्यांकन किया गया है, जिसमें छठी से नौवीं कक्षा के छात्र शामिल हैं। रिपोर्ट कार्ड में छात्रों की विशेष दक्षताओं का विस्तृत विवरण दिया गया है, जिससे शिक्षकों और अभिभावकों को छात्रों की उपलब्धियों और कमियों को समझने में मदद मिलती है। यह पहल जोधपुर के 54 सरकारी स्कूलों में अक्टूबर 2025 में शुरू की गई थी और अब जिले के सभी 15 ब्लॉक के 1,000 से अधिक स्कूलों में लागू है।
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इस AI प्रणाली से शिक्षकों को पेपर चेकिंग में लगने वाले समय की बचत होगी, जिससे वे छात्रों की पढ़ाई पर अधिक ध्यान दे सकेंगे।
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