लखनऊ के 55 निजी स्कूलों को आरटीई नियमों के उल्लंघन पर नोटिस जारी
लखनऊ के 55 प्राइवेट स्कूलों को क्यों मिला नोटिस? मान्यता रद्द करने की भी प्रक्रिया होगी शुरू
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लखनऊ, उत्तर प्रदेश में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने 55 निजी स्कूलों को शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को प्रवेश देने में विफल रहने पर नोटिस जारी किया है। स्कूलों को एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है, जिसमें मान्यता रद्द करने की प्रक्रिया भी शामिल है।
- 01लखनऊ में 55 निजी स्कूलों को आरटीई नियमों का उल्लंघन करने पर नोटिस मिला।
- 02सुप्रीम कोर्ट ने आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को प्रवेश देने का आदेश दिया है।
- 03स्कूलों को एक सप्ताह में प्रवेश देने के निर्देश दिए गए हैं।
- 04यदि स्कूल नियमों का पालन नहीं करते हैं, तो उनकी मान्यता रद्द की जा सकती है।
- 05लखनऊ के 1600 निजी स्कूलों में आरटीई के तहत 12,000 बच्चों को प्रवेश देने की प्रक्रिया चल रही है।
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लखनऊ, उत्तर प्रदेश में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विपिन कुमार ने 55 निजी स्कूलों को नोटिस जारी किया है, जो शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को प्रवेश देने में विफल रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्णय के अनुसार, सभी निजी स्कूलों को सरकारी द्वारा भेजे गए बच्चों को प्रवेश देना अनिवार्य है। यदि ये स्कूल एक सप्ताह के भीतर प्रवेश नहीं देते हैं, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें उनकी मान्यता रद्द करने की प्रक्रिया भी शामिल है। लखनऊ में 1600 निजी स्कूलों में से अब तक 12,000 विद्यार्थियों को प्रवेश देने की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन 4500 बच्चे ऐसे हैं जिनका आरटीई में चयन हुआ है, फिर भी उन्हें प्रवेश नहीं दिया जा रहा है।
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यह कार्रवाई आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों के लिए शिक्षा के अवसरों को बढ़ाएगी और निजी स्कूलों को नियमों का पालन करने के लिए मजबूर करेगी।
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