हिमाचल प्रदेश में छात्रों के लिए 360 डिग्री मूल्यांकन प्रणाली का शुभारंभ
Kangra News: छात्रा के कौशल और व्यवहार का होगा 360 डिग्री मूल्यांकन
Amar Ujala
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हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत छात्रों के मूल्यांकन के लिए 360 डिग्री प्रणाली लागू की है। यह प्रणाली छात्रों के शैक्षणिक प्रदर्शन के अलावा उनके कौशल, व्यवहार और सामाजिक सहभागिता का भी आकलन करेगी। इसका ट्रायल शिमला और कांगड़ा जिलों के 10 स्कूलों में शुरू किया गया है।
- 01360 डिग्री मूल्यांकन प्रणाली लागू की गई है।
- 02छात्रों का समग्र विकास मापने पर जोर दिया जाएगा।
- 03पायलट प्रोजेक्ट शिमला और कांगड़ा में चल रहा है।
- 04विशेष होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड का विकास किया गया है।
- 05फीडबैक के आधार पर प्रणाली को पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा।
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हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) के तहत छात्रों के मूल्यांकन के लिए 360 डिग्री प्रणाली लागू की है। इस नई प्रणाली के तहत छात्रों का मूल्यांकन केवल परीक्षा में प्राप्त अंकों पर नहीं, बल्कि उनके समग्र विकास पर आधारित होगा। इसमें छात्रों के कौशल, व्यवहार, सामाजिक सहभागिता और मानसिक विकास का गहन आकलन किया जाएगा। इस पहल का ट्रायल शिमला और कांगड़ा जिलों के 10 स्कूलों में शुरू किया गया है। बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने बताया कि इस प्रणाली के लिए विशेष होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड तैयार किया गया है, जो केंद्र सरकार की संस्था परख और एनसीईआरटी के सहयोग से विकसित किया गया है। यह प्रणाली डिजिटल होगी, जिससे छात्रों के डेटा का प्रबंधन आसान होगा। पायलट प्रोजेक्ट से प्राप्त फीडबैक के आधार पर इसे पूरे प्रदेश में लागू करने की योजना है।
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यह प्रणाली छात्रों के समग्र विकास को प्रोत्साहित करेगी, जिससे उन्हें बेहतर कौशल और सामाजिक सहभागिता का अनुभव होगा।
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