PM मोदी का पेट्रोल बचाने का संदेश: क्या बदल रही है भारत की जीवनशैली?
PM मोदी का WFH और पेट्रोल बचाने का मैसेज- क्या महंगे तेल के दौर में बदलने वाली है भारत की लाइफस्टाइल?
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक तेल संकट के बीच वर्क फ्रॉम होम और कार पूलिंग जैसे उपायों को अपनाने की अपील की है। एशियन डेवलपमेंट बैंक का अनुमान है कि भारत की GDP में 0.6% की गिरावट आ सकती है, जिससे महंगाई और पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है।
- 01प्रधानमंत्री मोदी ने वर्क फ्रॉम होम को प्रोत्साहित किया है।
- 02कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रह सकती हैं।
- 03भारत की GDP में 0.6% की गिरावट का अनुमान।
- 04पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर भारी दबाव बन सकता है।
- 05सरकार को ऊर्जा बचत के उपायों पर जोर देना होगा।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक तेल संकट के मद्देनजर वर्क फ्रॉम होम और कार पूलिंग जैसे उपायों को अपनाने की अपील की है। होर्मुज स्ट्रेट में शिपिंग बाधाओं और वैश्विक सप्लाई चेन पर दबाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रह सकती हैं। एशियन डेवलपमेंट बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री अल्बर्ट पार्क ने अनुमान लगाया है कि 2026 में कच्चे तेल की औसत कीमत 96 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती है। भारत अपनी जरूरत का लगभग 85 प्रतिशत कच्चा तेल आयात करता है, जिससे पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि हो सकती है। इसके परिणामस्वरूप, भारत की GDP में 0.6 प्रतिशत की गिरावट का अनुमान है। पीएम मोदी का वर्क फ्रॉम होम का सुझाव केवल ट्रैफिक कम करने का उपाय नहीं है, बल्कि यह एक आर्थिक रणनीति का हिस्सा है। यदि पेट्रोलियम मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, भारत ने अब तक 10 लाख करोड़ रुपये के तेल आयात किए हैं, तो आने वाले समय में भारत को इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और सार्वजनिक परिवहन पर ध्यान देना होगा।
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यदि कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो पेट्रोल और डीजल की कीमतें भी बढ़ेंगी, जिससे परिवहन लागत और जीवन यापन की लागत में वृद्धि होगी।
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