बिहार में 5.5 लाख राशन कार्ड रद्द, पात्रता जांच के तहत सरकार का बड़ा कदम
बिहार में 5.5 लाख लोगों को नहीं मिलेगा राशन, SIR के बाद रद्द किए गए कार्ड, सरकार ने लिया बड़ा एक्शन

Image: News 18 Hindi
बिहार में राज्य सरकार ने 5.5 लाख राशन कार्डों को रद्द कर दिया है, जो विशेष गहन पुनरीक्षण और केंद्र सरकार के सत्यापन पर आधारित है। इस कदम का उद्देश्य सरकारी योजनाओं का लाभ केवल पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाना है।
- 01बिहार में कुल 8.19 लाख राशन कार्डों की जांच की गई थी, जिनमें से 5.57 लाख रद्द किए गए।
- 02रद्द किए गए कार्डों के पीछे कारणों में लाभार्थियों की मृत्यु, पलायन, अनिवार्य ई-केवाईसी की अनुपस्थिति और आय संबंधी अपात्रता शामिल हैं।
- 03पटना, मुजफ्फरपुर, अररिया और भागलपुर जिलों में सबसे अधिक राशन कार्ड रद्द किए गए हैं।
- 04रद्द राशन कार्डों की सूची सभी जिलों में सार्वजनिक की जाएगी।
- 05जो लोग राशन कार्ड से वंचित हुए हैं, वे अनुमंडल पदाधिकारी के पास अपील कर सकते हैं।
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बिहार में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अशोक चौधरी ने बताया कि राज्य सरकार ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और केंद्र सरकार के सत्यापन अभियान के आधार पर 5.5 लाख राशन कार्डों को रद्द कर दिया है। कुल 8.19 लाख राशन कार्डों की जांच की गई, जिसमें से 5.57 लाख को रद्द करने और 2.59 लाख को बनाए रखने का निर्णय लिया गया। रद्द किए गए कार्डों के पीछे मुख्य कारण हैं लाभार्थियों की मृत्यु, पलायन, अनिवार्य ई-केवाईसी की अनुपस्थिति और आय संबंधी नियमों के तहत अपात्रता। सबसे अधिक रद्द राशन कार्ड पटना, मुजफ्फरपुर, अररिया और भागलपुर जिलों में पाए गए हैं। राज्य प्रशासन ने सभी जिलों में रद्द किए गए कार्डों की सूची सार्वजनिक करने का निर्देश दिया है। प्रभावित लोग अनुमंडल पदाधिकारी के पास अपील कर सकते हैं। यह अभियान सरकारी योजनाओं का लाभ केवल पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाने के लिए चलाया जा रहा है।
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राशन कार्ड रद्द होने से प्रभावित परिवारों को सरकारी अनाज योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पर असर पड़ेगा।
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