पटना के IGIMS में आयुष्मान भारत योजना के तहत बड़ा घोटाला सामने आया
Bihar: पटना के IGIMS में आयुष्मान भारत योजना में बड़ा घोटाला, फर्जी भर्ती और डिस्चार्ज से कितना गबन किया?

Image: Amar Ujala
पटना के इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) में आयुष्मान भारत योजना में बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है, जिसमें फर्जी भर्ती और गलत डिस्चार्ज के जरिए करोड़ों रुपये का गबन हुआ। स्वास्थ्य विभाग ने जांच के लिए छह सदस्यीय समिति का गठन किया है।
- 01IGIMS में फर्जी भर्ती और गलत डिस्चार्ज के जरिए करोड़ों रुपये का गबन हुआ है।
- 02आउटसोर्सिंग कंपनी मेहता डाटा मैट्रिक्स पर आरोप है कि उसने सॉफ्टवेयर के माध्यम से फर्जी क्लेम पास किए।
- 03कंपनी ने मामले के उजागर होने के बाद 45 लाख रुपये वापस किए हैं, लेकिन कुल घोटाले की राशि इससे अधिक हो सकती है।
- 04मुख्य प्रशासनिक अधिकारी डॉ. प्रफुल्ल रंजन की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई है।
- 05आर्थिक अपराध इकाई (EOU) भी मामले की जांच कर सकती है।
Advertisement
In-Article Ad
पटना के इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) में आयुष्मान भारत योजना के तहत एक बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। प्रारंभिक जांच में फर्जी भर्ती, गलत डिस्चार्ज और सॉफ्टवेयर के माध्यम से फर्जी क्लेम पास करने के आरोप लगे हैं, जिससे करोड़ों रुपये का गबन होने की आशंका है। स्वास्थ्य विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए IGIMS प्रशासन से 48 घंटे के भीतर जवाब मांगा है और जांच के लिए छह सदस्यीय समिति का गठन किया है। जांच में सामने आया है कि हॉस्पिटल इनफॉर्मेशन मैनेजमेंट सिस्टम (HIMS) सॉफ्टवेयर का दुरुपयोग किया गया, जिसकी जिम्मेदारी मेहता डाटा मैट्रिक्स नामक आउटसोर्सिंग कंपनी पर थी। इस कंपनी के चार कर्मचारियों पर आरोप हैं कि उन्होंने फर्जी तरीके से आयुष्मान कार्ड को सॉफ्टवेयर में अपलोड कर क्लेम पास किया। मामले के उजागर होने के बाद कंपनी ने 45 लाख रुपये लौटाए हैं, लेकिन अनुमान है कि घोटाले की राशि इससे कहीं अधिक हो सकती है। इस घोटाले के चलते IGIMS प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
Advertisement
In-Article Ad
यह घोटाला IGIMS के मरीजों और स्वास्थ्य सेवाओं पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि IGIMS में घोटाले की जांच पारदर्शी होगी?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।




