हरियाणा में फ्लैट खरीदारों के लिए नया कानून, बिल्डरों पर लगेगा जुर्माना
हरियाणा में फ्लैट खरीदारों को बड़ी राहत, घोषणा विलेख में देरी करने वाले बिल्डरों पर कसा जाएगा कानूनी शिकंजा
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Image: Jagran
हरियाणा में बिल्डरों को अधिभोग प्रमाणपत्र मिलने के बाद 90 दिन के भीतर घोषणा विलेख दाखिल करना अनिवार्य होगा, अन्यथा उन पर ₹50 लाख तक का जुर्माना लगाया जाएगा। यह कदम फ्लैट खरीदारों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए उठाया गया है।
- 01बिल्डरों को अधिभोग प्रमाणपत्र मिलने के 90 दिन के भीतर घोषणा विलेख दाखिल करना होगा।
- 02घोषणा विलेख न देने पर ₹50 लाख तक का जुर्माना लगाया जाएगा।
- 03जुर्माना हर तीन वर्ष में 10% बढ़ेगा।
- 04पुरानी नीति के अनुसार जुर्माना अदा करने की व्यवस्था की गई है।
- 05यह कदम फ्लैट खरीदारों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए है।
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हरियाणा में फ्लैट खरीदारों को राहत देते हुए राज्य सरकार ने एक नया कानून लागू किया है। इसके तहत, यदि बिल्डर अधिभोग प्रमाणपत्र प्राप्त करने के बाद 90 दिन के भीतर घोषणा विलेख दाखिल नहीं करते हैं, तो उन पर ₹50 लाख तक का जुर्माना लगाया जाएगा। घोषणा विलेख एक कानूनी दस्तावेज है जो संपत्ति के स्वामित्व और अधिकारों को प्रमाणित करता है। यह कानून हरियाणा अपार्टमेंट स्वामित्व अधिनियम 1983 की धारा 24ए के तहत लागू किया गया है। जुर्माने की राशि हर तीन वर्ष में 10% बढ़ाई जाएगी। यदि बिल्डर समय पर जुर्माना नहीं अदा करते हैं, तो यह भू-राजस्व के बकाया के रूप में वसूल किया जाएगा। उदाहरण के लिए, यदि किसी कालोनाइजर ने 1 जून 2025 को अधिभोग प्रमाणपत्र प्राप्त किया है, तो उसे 30 अगस्त 2025 तक घोषणा विलेख दाखिल करना होगा। यदि वह 1 फरवरी 2026 को दाखिल करता है, तो उसे पुरानी नीति के अनुसार ₹1 लाख और नए प्रविधानों के अनुसार ₹30 लाख का जुर्माना अदा करना होगा।
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इस कानून के लागू होने से फ्लैट खरीदारों को अपने अधिकारों की सुरक्षा मिलेगी और बिल्डरों पर समय पर कानूनी दस्तावेज दाखिल करने का दबाव बढ़ेगा।
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