दिल्ली हाईकोर्ट ने रेस क्लब को बेदखली के नोटिस पर दी अनुमति, केंद्र को मिली राहत
अब रेस कोर्स की जमीन भी होगी खाली, 150 एकड़ में फैला है क्लब, दिल्ली हाईकोर्ट ने दे दी हरी झंडी
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दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली रेस क्लब के खिलाफ केंद्र सरकार के कारण बताओ नोटिस पर रोक हटाई, जिससे क्लब की 150 एकड़ जमीन पर कार्रवाई की जा सकेगी। अदालत ने कहा कि संबंधित प्राधिकरण को कानूनी प्रक्रिया पूरी करने का अधिकार है।
- 01दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार की अपील स्वीकार की, जिससे रेस क्लब के खिलाफ नोटिस पर रोक हट गई।
- 02क्लब का दावा है कि वह वैध रूप से जमीन का उपयोग कर रहा है और नियमित ग्राउंड रेंट का भुगतान करता है।
- 03दिल्ली रेस क्लब की लीज पहले ही समाप्त हो चुकी है, जिससे उसकी वैधता पर सवाल उठता है।
- 04अदालत ने कहा कि बेदखली के लिए उचित कानूनी प्रक्रिया का पालन करना आवश्यक है।
- 05केंद्र सरकार ने कई अन्य क्लबों और संस्थानों की जमीनों की समीक्षा शुरू की है।
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दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली रेस क्लब मामले में केंद्र सरकार को एक महत्वपूर्ण राहत दी है। अदालत ने उस अंतरिम आदेश को रद्द कर दिया है, जिसके तहत क्लब को सार्वजनिक परिसर कानून के तहत जारी कारण बताओ नोटिस पर रोक लगाई गई थी। इस फैसले से क्लब की 150 एकड़ जमीन पर केंद्र सरकार को कार्रवाई करने का रास्ता साफ हो गया है। अदालत ने कहा कि संबंधित प्राधिकरण को कानूनी प्रक्रिया पूरी करने का अधिकार है और नोटिस जारी करना केवल प्रारंभिक कार्रवाई है। क्लब का कहना है कि वह लंबे समय से वैध रूप से परिसर का उपयोग कर रहा है, जबकि केंद्र सरकार ने तर्क दिया है कि क्लब की लीज पहले ही समाप्त हो चुकी है। इससे पहले, अदालत ने केंद्र को जबरन कब्जा लेने से रोका था, लेकिन अब डिवीजन बेंच के फैसले के बाद केंद्र सरकार को आगे की कार्रवाई करने की अनुमति मिल गई है। यह मामला राजधानी के कई प्रतिष्ठित संस्थानों से जुड़ी जमीनों और लीज विवादों के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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दिल्ली रेस क्लब की जमीन पर केंद्र सरकार की कार्रवाई से क्लब के संचालन पर असर पड़ेगा।
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