बांग्लादेश की चीन यात्रा और भारत के साथ तनाव के बीच संबंधों का नया मोड़
भारत से तनाव के बीच ‘ड्रैगन’ से हाथ मिलाएगा बांग्लादेश

Image: Rudrakshnews
बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान अपनी पहली विदेश यात्रा में जून में चीन जाएंगे। यह यात्रा भारत के साथ बढ़ते तनाव के बीच हो रही है, जहां बांग्लादेश चीन से तीस्ता नदी बहाली प्रोजेक्ट के लिए फंडिंग की उम्मीद कर रहा है।
- 01तारिक रहमान की चीन यात्रा बांग्लादेश सरकार के लिए पहली विदेश यात्रा होगी।
- 02बांग्लादेश का चीन के साथ बढ़ता जुड़ाव तीस्ता नदी परियोजना के लिए फंडिंग की कोशिश से जुड़ा है।
- 03भारत के साथ संबंध गंगा जल-बंटवारे समझौते पर निर्भर हैं।
- 04चीन ने बांग्लादेश को राजनीतिक स्थिरता और आर्थिक विकास में समर्थन देने का आश्वासन दिया है।
- 05बांग्लादेश और चीन ने 'बेल्ट एंड रोड' सहयोग को बढ़ावा देने पर सहमति जताई है।
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बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान जून के अंत में चीन की यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, जो उनकी सरकार का पहला विदेश दौरा होगा। पहले भूटान जाने की योजना थी, लेकिन अब यह यात्रा चीन के साथ बढ़ते संबंधों को दर्शाती है। बांग्लादेश की सरकार चीन से तीस्ता नदी बहाली प्रोजेक्ट के लिए फंडिंग की उम्मीद कर रही है, जो भारत के साथ पानी के बंटवारे के मुद्दे पर तनाव के बीच हो रहा है। बांग्लादेश का कहना है कि भारत के साथ उसके संबंध गंगा जल-बंटवारे समझौते पर निर्भर हैं। चीन के राजदूत याओ वेन ने कहा है कि यह यात्रा दोनों देशों के बीच साझेदारी को और मजबूत करेगी। बांग्लादेश और चीन ने व्यापार, निवेश, और स्वास्थ्य जैसे कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है। हालांकि, विदेश मामलों के सलाहकार हुमायूं कबीर ने बताया कि यात्रा का समय और कार्यक्रम अभी तय नहीं हुआ है।
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बांग्लादेश की चीन यात्रा से भारत के साथ जल बंटवारे के मुद्दे पर तनाव बढ़ सकता है, जिससे स्थानीय राजनीति और जल संसाधनों के प्रबंधन पर असर पड़ेगा।
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