शिवसेना नेता ने आरएसएस और बीजेपी पर पाकिस्तान से बातचीत का आरोप लगाया
आरएसएस-पाकिस्तान की जुगलबंदी, बीजेपी की अमन की आशा ; शिवसेना सांसद बोलीं- अब न्याय की उम्मीद छोड़ दें
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शिवसेना (यूबीटी) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने आरएसएस और बीजेपी पर पाकिस्तान के साथ बातचीत की वकालत करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के पीड़ित अब न्याय की उम्मीद छोड़ दें। पूर्व सेना प्रमुख और फारूक अब्दुल्ला ने भी बातचीत का समर्थन किया।
- 01प्रियंका चतुर्वेदी ने आरएसएस और बीजेपी पर पाकिस्तान के साथ बातचीत का आरोप लगाया है, जिससे आतंकवाद के पीड़ितों को न्याय की उम्मीद छोड़ने की बात कही गई है।
- 02आरएसएस के नेता दत्तात्रेय होसबाले ने पाकिस्तान से बातचीत की वकालत की, जिसे पाकिस्तान ने स्वागत किया।
- 03पूर्व सेना प्रमुख जनरल (सेवानिवृत्त) मनोज नरवणे ने भी पाकिस्तान के साथ संवाद का समर्थन किया, लेकिन सैन्य बल के उपयोग की संभावना को नहीं नकारा।
- 04फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि युद्ध कोई विकल्प नहीं है और संवाद का होना आवश्यक है।
- 05इस मुद्दे पर विभिन्न नेताओं के बीच एकता देखी जा रही है, जो शांति और संवाद की आवश्यकता पर जोर देती है।
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शिवसेना (यूबीटी) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने आरएसएस और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर पाकिस्तान के साथ बातचीत की वकालत करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के पीड़ित अब न्याय की उम्मीद छोड़ दें। यह बयान आरएसएस के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले की पाकिस्तान से बातचीत की वकालत करने के बाद आया है, जिसे पाकिस्तान ने भी समर्थन दिया। होसबाले के बयान का समर्थन करते हुए, पूर्व सेना प्रमुख जनरल (सेवानिवृत्त) मनोज नरवणे ने कहा कि दोनों देशों के बीच मित्रता बेहतर द्विपक्षीय संबंधों को जन्म दे सकती है, लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बातचीत का मतलब यह नहीं है कि सैन्य बल का उपयोग नहीं किया जा सकता। इसी बीच, नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने भी बातचीत का समर्थन किया और कहा कि युद्ध कोई विकल्प नहीं है। यह मुद्दा विभिन्न राजनीतिक नेताओं के बीच एकता का प्रतीक बन रहा है, जो शांति और संवाद की आवश्यकता पर जोर दे रहे हैं।
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यह बयान राजनीतिक संवाद और शांति के प्रयासों को प्रभावित कर सकता है, विशेषकर उन लोगों के लिए जो आतंकवाद के शिकार हुए हैं।
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