झारखंड में 21 बालू घाटों को मिली मंजूरी, संकट के समाधान की दिशा में कदम
झारखंड में दूर होगा बालू संकट, 21 बालू घाटों और भंडारण आवेदनों को CTO की मंजूरी; जल्द शुरू होगा वैध खनन
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Image: Jagran
झारखंड में 21 बालू घाटों और भंडारण के लिए आवेदनों को कंसेंट टू ऑपरेट (CTO) की मंजूरी मिल गई है। इससे राज्य में बालू संकट को दूर करने में मदद मिलेगी। विभिन्न जिलों में खनन और भंडारण की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी, जिससे निर्माण सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।
- 0121 बालू घाटों के लिए CTO की मंजूरी दी गई है, जिसमें से 8 आवेदन बालू घाटों के हैं।
- 02गोड्डा, हजारीबाग, पूर्वी सिंहभूम और रांची जिलों में सबसे अधिक आवेदन स्वीकृत हुए हैं।
- 03बालू खनन और भंडारण की प्रक्रिया लीज डीड पर हस्ताक्षर के बाद जल्द शुरू होगी।
- 04प्रशासन ने अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए यह कदम उठाया है।
- 05बालू घाटों के लिए वार्षिक पर्यावरणीय मंजूरी (ईसी) कोटा भी निर्धारित किया गया है।
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झारखंड में बालू संकट को समाप्त करने के लिए 21 बालू घाटों और भंडारण आवेदनों को कंसेंट टू ऑपरेट (CTO) के तहत मंजूरी मिल गई है। इन आवेदनों में से 8 बालू घाटों के लिए हैं, जिनमें गोड्डा जिले से सबसे अधिक तीन आवेदन शामिल हैं। हजारीबाग और पूर्वी सिंहभूम में दो-दो और रांची में एक आवेदन स्वीकृत किया गया है। अब इन स्थलों पर बालू खनन और वैध भंडारण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिससे निर्माण सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। प्रशासन ने अवैध खनन पर रोक लगाने और वैज्ञानिक तरीके से रेत दोहन को बढ़ावा देने के लिए यह कदम उठाया है। विभिन्न जिलों में बालू घाटों के लिए लीज डीड पर हस्ताक्षर किए गए हैं और वार्षिक पर्यावरणीय मंजूरी (ईसी) कोटा भी निर्धारित किया गया है।
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बालू खनन की प्रक्रिया शुरू होने से निर्माण सामग्री की उपलब्धता में सुधार होगा।
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