CISF ने विदेश मंत्रालय की सुरक्षा को किया हाई-टेक, 90 कमांडो तैनात
CISF ने संभाला विदेश मंत्रालय में मोर्चा, 'अभेद्य किले' में तब्दील हुआ 'सुषमा स्वराज भवन', तैनात हुए 90 कमांडो

Image: News 18 Hindi
भारत के विदेश मंत्रालय, सुषमा स्वराज भवन, की सुरक्षा अब केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) द्वारा संभाली जा रही है। 90 कमांडो की तैनाती से यह भवन एक अभेद्य किले में तब्दील हो गया है, जो कूटनीतिक दस्तावेजों और डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।
- 01CISF ने सुषमा स्वराज भवन में सुरक्षा के लिए 90 कमांडो तैनात किए हैं।
- 02यह भवन भारत की विदेश नीति और गोपनीय दस्तावेजों का केंद्र है, जिसकी सुरक्षा में किसी भी तरह की ढील खतरनाक हो सकती थी।
- 03सुरक्षा को हाई-टेक बनाने के लिए मल्टी-लेयर सिक्योरिटी और डिजिटल सर्विलांस का उपयोग किया गया है।
- 04क्विक रिएक्शन टीमें (QRT) हर समय 'रेडी-टू-एक्शन' मोड में रहेंगी।
- 05CISF की तैनाती का उद्देश्य लुटियंस जोन में सभी महत्वपूर्ण इमारतों की सुरक्षा को मजबूत करना है।
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भारत के विदेश मंत्रालय, जिसे सुषमा स्वराज भवन के नाम से जाना जाता है, की सुरक्षा अब केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) द्वारा संभाली जा रही है। हाल ही में 90 कमांडो की तैनाती के साथ, यह भवन एक अभेद्य किले में बदल गया है। इस बदलाव का उद्देश्य कूटनीतिक दस्तावेजों और डेटा की सुरक्षा को सुनिश्चित करना है, जो विदेश मंत्रालय के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। CISF के विशेष प्रशिक्षित कमांडो चौबीसों घंटे परिसर की निगरानी करेंगे और सुरक्षा के लिए मल्टी-लेयर सुरक्षा प्रणाली लागू की गई है। इसके अलावा, भवन में केवल अधिकृत व्यक्तियों को ही प्रवेश की अनुमति होगी। यह कदम भारत की सुरक्षा रणनीति का हिस्सा है, जिसमें लुटियंस जोन में सभी महत्वपूर्ण इमारतों को सुरक्षित करने का प्रयास किया जा रहा है।
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सुषमा स्वराज भवन की सुरक्षा में CISF की तैनाती से भारत की कूटनीतिक सुरक्षा को मजबूती मिलेगी।
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