गोरखपुर में स्वच्छता और जलनिकासी में सुधार: मेयर ने साझा की उपलब्धियां
Gorakhpur News: तीन साल कार्यकाल.. स्वच्छता, जलनिकासी के क्षेत्र में हुए बड़े बदलाव

Image: Amar Ujala
गोरखपुर नगर निगम के मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने तीन साल के कार्यकाल में स्वच्छता और जलनिकासी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलावों की जानकारी दी। इंटीग्रेटेड गार्बेज सिटी और फाइटो रेमिडिएशन तकनीक के माध्यम से शहर की स्वच्छता में सुधार हुआ है।
- 01गोरखपुर नगर निगम ने पिछले तीन वर्षों में लगभग ₹2,500 करोड़ की विकास परियोजनाओं को लागू किया है।
- 02मेयर ने इंटीग्रेटेड गार्बेज सिटी की स्थापना को शहर की सबसे बड़ी उपलब्धि बताया, जिससे कूड़ा निस्तारण में सुधार हुआ है।
- 03फाइटो रेमिडिएशन तकनीक से नालों के पानी को साफ करने में मदद मिली है, जिससे गोरखपुर को राष्ट्रीय पहचान मिली।
- 04अर्बन फ्लड मैनेजमेंट सेल की स्थापना से जलभराव की समस्या को नियंत्रित किया जा रहा है।
- 05नगर निगम ने पिछले तीन वर्षों में केंद्र और राज्य स्तर पर नौ पुरस्कार प्राप्त किए हैं।
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गोरखपुर नगर निगम के मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने अपने कार्यकाल की तीन साल की उपलब्धियों को साझा करते हुए कहा कि शहर में स्वच्छता, जलनिकासी और आधारभूत ढांचे में बड़े बदलाव हुए हैं। उन्होंने इंटीग्रेटेड गार्बेज सिटी और प्राकृतिक विधि से जल शोधन (फाइटो रेमिडिएशन) को अपनी सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक बताया। इसके माध्यम से शहर में कूड़े के निस्तारण की वैज्ञानिक व्यवस्था विकसित की गई है, जिससे स्वच्छता में सुधार हुआ है। पिछले तीन वर्षों में नगर निगम ने लगभग ₹2,500 करोड़ की विकास परियोजनाओं को मूर्त रूप दिया है और इस दौरान नौ पुरस्कार भी प्राप्त किए हैं। जलभराव की समस्या से निपटने के लिए अर्बन फ्लड मैनेजमेंट सेल की स्थापना की गई है, जिससे नालों के जलस्तर की निगरानी की जा रही है। मेयर ने कहा कि आने वाले समय में शहर को और अधिक स्वच्छ और आधुनिक बनाने के लिए नई योजनाओं पर काम किया जाएगा।
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गोरखपुर में स्वच्छता और जलनिकासी में सुधार से स्थानीय निवासियों को बेहतर जीवन स्तर मिलेगा।
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