दवा दुकानों की हड़ताल: 15 लाख केमिस्ट दुकानें बंद, ट्रांसपोर्ट यूनियनों का भी विरोध
देशभर में आज दवा दुकानों की हड़ताल, 15 लाख केमिस्ट दुकानें बंद, जानिए सभी राज्यों का हाल

Image: News 18 Hindi
आज देशभर में दवा दुकानों की हड़ताल हो रही है, जिसमें लगभग 15 लाख मेडिकल स्टोर शामिल हैं। ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) का आरोप है कि ई-फार्मेसी कंपनियां बिना नियमों के काम कर रही हैं, जिससे छोटे स्टोर प्रभावित हो रहे हैं। इसके साथ ही, दिल्ली-NCR में ट्रांसपोर्ट यूनियनों ने भी हड़ताल का ऐलान किया है।
- 01AIOCD का कहना है कि ई-फार्मेसी कंपनियां गलत प्रिस्क्रिप्शन पर दवाइयां बेच रही हैं।
- 02हड़ताल का मुख्य कारण GSR 220(E) और GSR 817(E) नोटिफिकेशन के तहत नियमों का पालन न होना है।
- 03दिल्ली में 15 हजार और देशभर में लाखों मेडिकल स्टोरों पर हड़ताल का असर पड़ेगा।
- 04ट्रांसपोर्ट यूनियनों का विरोध बढ़े हुए पर्यावरण सेस और BS-IV वाहनों पर प्रस्तावित प्रतिबंध के खिलाफ है।
- 05ड्राइवर यूनियनों ने Ola, Uber, और Rapido पर 'आर्थिक शोषण' का आरोप लगाया है।
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आज, 20 मई को, ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) द्वारा आयोजित एक राष्ट्रव्यापी हड़ताल के तहत, देशभर में लगभग 15 लाख दवा की दुकानें बंद रहेंगी। AIOCD का आरोप है कि ई-फार्मेसी और इंस्टेंट मेडिसिन डिलीवरी ऐप्स बिना स्पष्ट नियमों के काम कर रहे हैं, जिससे छोटे मेडिकल स्टोरों का कारोबार प्रभावित हो रहा है। हड़ताल का मुख्य कारण GSR 220(E) और GSR 817(E) नोटिफिकेशन के तहत नियमों का पालन न होना है। दिल्ली-NCR में ट्रांसपोर्ट यूनियनों ने भी 21 से 23 मई तक हड़ताल का ऐलान किया है, जिससे दवाओं की सप्लाई और अन्य परिवहन सेवाओं पर असर पड़ सकता है। AIOCD महासचिव राजीव सिंघल ने बताया कि ऑनलाइन फार्मेसी कंपनियां गलत या फर्जी प्रिस्क्रिप्शन पर भी दवाइयां दे रही हैं। उन्होंने सरकार से मांग की है कि ई-फार्मेसी पर वही सख्त नियम लागू हों जो पारंपरिक मेडिकल स्टोर्स पर हैं। यह हड़ताल न केवल व्यापार बचाने की लड़ाई है, बल्कि दवा सुरक्षा और मरीजों की सुरक्षा का मुद्दा भी है।
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दवा की दुकानों की हड़ताल और ट्रांसपोर्ट यूनियनों का विरोध मरीजों को दवाइयों की उपलब्धता में कठिनाई का सामना करवा सकता है।
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