धर्मशाला में चेक बाउंस मामले में आरोपी दोषी करार, सजा पर सुनवाई 26 मई को
Kangra News: चेक बाउंस के मामले में दोष सिद्ध, 26 मई को होगी सजा पर सुनवाई
Amar Ujala
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धर्मशाला, हिमाचल प्रदेश में एक चेक बाउंस मामले में आरोपी को दोषी ठहराया गया है। अदालत ने 7 लाख रुपये के चेक के मामले में साक्ष्यों के आधार पर निर्णय लिया, और सजा का निर्धारण 26 मई को होगा।
- 01आरोपी को 7 लाख रुपये के चेक बाउंस मामले में दोषी करार दिया गया।
- 02साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी के निजी एवं जमानती बांड रद्द कर दिए।
- 03सजा का निर्धारण 26 मई को किया जाएगा।
- 04मामला एनआई एक्ट की धारा 138 के तहत अदालत में पहुंचा।
- 05आरोपी ने शिकायतकर्ता से जमीन खरीदने के लिए पैसे उधार लिए थे।
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धर्मशाला, हिमाचल प्रदेश में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी डॉ. हकीकत ढांडा की अदालत ने 7 लाख रुपये के चेक बाउंस मामले में आरोपी को दोषी करार दिया है। अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ निर्णय लिया और उसके निजी एवं जमानती बांड रद्द कर दिए। मामले के अनुसार, आरोपी ने जनवरी 2021 में शिकायतकर्ता से जमीन खरीदने के लिए पैसे उधार मांगे थे और उन्हें समय पर लौटाने का भरोसा दिया था। जब पैसे वापस नहीं किए गए, तो आरोपी ने 24 मई 2021 को एक चेक जारी किया, जो जून 2021 में अपर्याप्त धन के कारण बाउंस हो गया। शिकायतकर्ता ने विधिक नोटिस भेजा, लेकिन आरोपी ने राशि लौटाने से इनकार कर दिया। अंततः मामला एनआई एक्ट की धारा 138 के तहत अदालत में पहुंचा, जहां अदालत ने पाया कि चेक वैध समय सीमा के भीतर बाउंस हुआ और नोटिस के बावजूद भुगतान नहीं किया गया, जिसके आधार पर आरोपी को दोषी ठहराया गया। सजा का निर्धारण 26 मई को किया जाएगा।
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इस मामले का निर्णय स्थानीय व्यापारियों और उधारकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह चेक बाउंस से संबंधित कानूनी प्रक्रियाओं की गंभीरता को दर्शाता है।
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