ऊना में मक्की की बिजाई से पहले खाद की कमी का संकट
Una News: मक्की की बिजाई से पहले खाद का संकट

Image: Amar Ujala
ऊना जिले, हिमाचल प्रदेश में मक्की की बिजाई के लिए आवश्यक 12-32-16 खाद की सप्लाई में दो महीने से कमी आई है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। सहकारी समितियों और गोदामों में खाद की कमी के कारण किसान निजी दुकानों से महंगी दरों पर खाद खरीदने को मजबूर हैं।
- 0112-32-16 खाद की सप्लाई में दो महीने से कमी आई है, जिससे किसानों को मक्की की बिजाई में समस्या हो रही है।
- 02कई किसानों ने सहकारी सभाओं और गोदामों के चक्कर लगाए, लेकिन खाद नहीं मिल पा रही है।
- 03कुछ स्थानों पर सीमित मात्रा में उपलब्ध खाद भी किसानों की जरूरत के अनुसार नहीं दी जा रही।
- 04किसान डीजल, बीज और मजदूरी के बढ़ते खर्च के बीच खाद की कमी से परेशान हैं।
- 05इफ्को के क्षेत्रीय प्रबंधक ने बताया कि नई खेप मई के अंत या जुलाई की शुरुआत में आने की संभावना है।
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ऊना जिले, हिमाचल प्रदेश में खरीफ सीजन की शुरुआत से पहले किसानों को खाद की कमी का सामना करना पड़ रहा है। मक्की की बिजाई का समय नजदीक आते ही, किसानों की चिंता बढ़ गई है क्योंकि सहकारी सभाओं और गोदामों में 12-32-16 खाद की सप्लाई लगभग समाप्त हो चुकी है। पिछले दो महीनों से नई खेप नहीं आई है, जिससे किसानों को खाद की कमी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि यदि समय पर खाद उपलब्ध नहीं हुई, तो मक्की की बिजाई प्रभावित हो सकती है, जिसका सीधा असर उत्पादन पर पड़ेगा। कई किसान सहकारी समितियों के चक्कर लगाने के बावजूद खाद नहीं पा रहे हैं और मजबूरी में निजी दुकानों से महंगे दामों पर खाद खरीदने को मजबूर हैं। इफ्को के क्षेत्रीय प्रबंधक माशोक अहमद ने बताया कि नई खेप की मांग भेजी गई है और मई के अंत या जुलाई की शुरुआत तक नई खेप आने की संभावना है। उपनिदेशक जिला कृषि विभाग डॉ. प्रेम ठाकुर ने कहा कि मक्की की फसल के शुरुआती चरण में संतुलित उर्वरक बेहद जरूरी होता है, और खाद की कमी लंबे समय तक बनी रही तो इसका असर खेती की उत्पादकता पर पड़ सकता है।
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खाद की कमी से किसानों की मक्की की बिजाई प्रभावित हो सकती है, जिससे उत्पादन में कमी आ सकती है।
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