भारत की ब्रिक्स बैठक में अमेरिका-चीन के बढ़ते तनाव पर चर्चा
BRICS Vs G-2: 'अनिश्चित दुनिया' में भारत को अलग-थलग करने के लिए चीन में बढ़ी हलचल, ब्रिक्स की ताकतों को तोड़ रहा अमेरिका!
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भारत में ब्रिक्स (BRICS) के विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर ने वैश्विक अनिश्चितता और अमेरिका-चीन संबंधों पर चर्चा की। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका ब्रिक्स को कमजोर करने के लिए चीन के साथ द्विपक्षीय संबंधों को प्राथमिकता दे रहा है।
- 01ब्रिक्स की बैठक में भारत ने वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा की।
- 02अमेरिका ब्रिक्स को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है।
- 03चीन ने अमेरिका के साथ द्विपक्षीय संबंधों को प्राथमिकता दी।
- 04रूस के राष्ट्रपति पुतिन की चीन यात्रा की संभावना है।
- 05अमेरिका-चीन के संबंधों में गहराई से रणनीतिक दांव-पेच चल रहे हैं।
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नई दिल्ली में ब्रिक्स (BRICS) के विदेश मंत्रियों की बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने वैश्विक अनिश्चितता और जटिलताओं पर चर्चा की। उन्होंने ऊर्जा, खाद्य सुरक्षा, और जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में, ब्रिक्स को कमजोर करने के लिए चीन के साथ द्विपक्षीय संबंधों को प्राथमिकता दे रहा है। चीन ने ब्रिक्स के बजाय ट्रंप के साथ सीधे समझौते को तवज्जो दी है, जिससे यह संकेत मिलता है कि वह अमेरिका के साथ अधिक व्यावहारिक संबंध स्थापित करने की कोशिश कर रहा है। इस बीच, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की संभावित चीन यात्रा भी चर्चा का विषय बनी हुई है।
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इस बैठक से भारत की वैश्विक कूटनीति को मजबूती मिल सकती है, लेकिन अमेरिका-चीन संबंधों में तनाव भारतीय रणनीतिक स्थिति को प्रभावित कर सकता है।
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