योगी सरकार ने एमएसएमई योजना के तहत युवाओं से वसूली की प्रक्रिया शुरू की
योगी सरकार 6955 करोड़ का लेगी हिसाब, कारोबार शुरू न करने वाले युवाओं से वसूली जाएगी राशि
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी अभियान योजना के तहत ऋण लेने वाले युवाओं का सत्यापन शुरू किया है। इस प्रक्रिया में उन युवाओं से ₹6955 करोड़ की वसूली की जाएगी जिन्होंने ऋण लेकर कारोबार शुरू नहीं किया है।
- 01युवाओं को बिना गारंटी और ब्याज के ₹5 लाख तक का ऋण दिया जा रहा है।
- 02सत्यापन प्रक्रिया में 1,69,271 युवाओं को वितरित की गई राशि का हिसाब लिया जाएगा।
- 03यदि कोई युवा ऋण लेकर कारोबार शुरू नहीं करता है, तो उससे राशि वसूली जाएगी।
- 04सत्यापन के लिए मोबाइल एप्लीकेशन का उपयोग किया जा रहा है।
- 05युवाओं से रोजगार सृजन और कारोबार की जानकारी भी एकत्र की जा रही है।
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उत्तर प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) विभाग ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी अभियान योजना के तहत ऋण लेने वाले युवाओं का सत्यापन शुरू किया है। इस योजना के तहत युवाओं को बिना गारंटी और ब्याज के ₹5 लाख तक का ऋण दिया जा रहा है। अब तक 1,69,271 युवाओं को ₹6955 करोड़ का ऋण वितरित किया जा चुका है। सत्यापन प्रक्रिया में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि ऋण लेने के बाद युवाओं ने कारोबार शुरू किया है या नहीं। यदि किसी युवा ने ऋण लेकर कारोबार शुरू नहीं किया, तो उससे ऋण की राशि वसूली जाएगी। सत्यापन कार्य के लिए एक मोबाइल एप्लीकेशन विकसित की गई है, जिसमें युवाओं की जानकारी, फोटो, वीडियो और लोकेशन अपडेट की जा रही है। यह जानकारी यह भी बताएगी कि संबंधित युवा ने कितने लोगों को रोजगार दिया है और उनकी मासिक कमाई कितनी है।
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इस सत्यापन प्रक्रिया से उन युवाओं पर सीधा प्रभाव पड़ेगा जिन्होंने ऋण लेकर कारोबार शुरू नहीं किया है, क्योंकि उनसे राशि वसूली जाएगी।
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