यूपी के डीजीपी को मानवाधिकार आयोग का नोटिस, आदिवासी किशोरी की तस्करी का मामला
आदिवासी किशोरी की तस्करी और यौन शोषण के मामले में यूपी के DGP को नोटिस, मानवाधिकार आयोग ने लिया संज्ञान
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Image: Jagran
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने ओडिशा की 17 वर्षीय आदिवासी किशोरी के तस्करी और यौन शोषण के मामले में उत्तर प्रदेश के डीजीपी राजीव कृष्ण को नोटिस जारी किया है। पीड़िता ने झांसी पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है।
- 01आदिवासी किशोरी को नौकरी के लालच में झांसी में बेचा गया था।
- 02पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसे तीन महीने तक कैद रखा गया और यौन शोषण किया गया।
- 03आरोप है कि पुलिस ने शिकायत के बाद कोई कार्रवाई नहीं की और उसे ओडिशा भेज दिया।
- 04राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मामले में डीजीपी को विस्तृत रिपोर्ट देने के लिए दो सप्ताह का समय दिया है।
- 05मामले की मीडिया में रिपोर्टिंग के बाद आयोग ने संज्ञान लिया है।
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राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने ओडिशा की 17 वर्षीय आदिवासी किशोरी के तस्करी और यौन शोषण के मामले में उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्ण को नोटिस जारी किया है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि उसे झांसी में एक व्यक्ति द्वारा नौकरी का लालच देकर बेचा गया था। वहां उसे तीन महीने तक कैद में रखा गया और लगातार यौन शोषण का शिकार बनाया गया। झांसी पुलिस पर आरोप है कि उसने शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की और पीड़िता को ओडिशा की ट्रेन में बैठाकर वापस भेज दिया। जब पीड़िता ओडिशा पहुंची, तो उसने वहां की पुलिस को अपनी आपबीती सुनाई और मामला दर्ज कराया। मानवाधिकार आयोग ने कहा है कि यदि मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार आरोप सही हैं, तो यह मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है। आयोग ने डीजीपी को दो सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।
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यह मामला झांसी में पुलिस की कार्रवाई और मानवाधिकारों के उल्लंघन पर गंभीर सवाल उठाता है।
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