हुमायूं कबीर की केंद्रीय सुरक्षा वापस लेने का निर्णय, अदालत में चुनौती देंगे
बंगाल: हुमायूं कबीर की केंद्रीय सुरक्षा वापस, निर्णय के विरुद्ध जाएंगे अदालत
Jagran
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हुमायूं कबीर, आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख, की केंद्रीय सुरक्षा वापस ले ली गई है। उन्होंने इस निर्णय पर नाराजगी जताते हुए अदालत जाने की योजना बनाई है। उनके अनुसार, अन्य नेताओं की सुरक्षा बरकरार है, जिससे उनकी सुरक्षा की वापसी पर सवाल उठता है।
- 01हुमायूं कबीर की केंद्रीय सुरक्षा वाई प्लस श्रेणी में थी, जिसमें 13 केंद्रीय बल के जवान शामिल थे।
- 02केंद्रीय गृह मंत्रालय ने ई-मेल के माध्यम से सुरक्षा वापस लेने की जानकारी दी।
- 03हुमायूं कबीर ने कहा कि अन्य नेताओं की सुरक्षा बरकरार है, जिससे उनकी सुरक्षा की वापसी पर प्रश्न उठता है।
- 04उन्होंने अदालत में याचिका दायर करने का निर्णय लिया है।
- 05राज्य पुलिस ने उन्हें सुरक्षा उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।
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हुमायूं कबीर, जो आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख और विधायक हैं, की केंद्रीय सुरक्षा को वापस ले लिया गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उन्हें ई-मेल के माध्यम से इस निर्णय की सूचना दी। हुमायूं ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि वह अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे। उनकी सुरक्षा वाई प्लस श्रेणी में थी, जिसमें केंद्रीय बल के 13 जवान, एक इंस्पेक्टर, एक सब-इंस्पेक्टर और 11 कांस्टेबल शामिल थे। हुमायूं ने सवाल उठाया कि जब कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी और इंडियन सेक्युलर फ्रंट के विधायक नौशाद सिद्दीकी की सुरक्षा नहीं हटाई गई, तो उनकी सुरक्षा क्यों वापस ली गई। उन्होंने कहा कि राज्य पुलिस ने उन्हें सुरक्षा देने का आश्वासन दिया है। हुमायूं कबीर हाल ही में मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद के निर्माण को लेकर चर्चा में आए थे।
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हुमायूं कबीर की सुरक्षा वापस लेने से उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा और राजनीतिक स्थिति प्रभावित हो सकती है।
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