ओडिशा के मुख्यमंत्री मांझी ने पुलिस को जनता से मित्रवत व्यवहार करने का निर्देश दिया
हिरासत में यातना पर सीएम मांझी सख्त, पुलिस को जनता से मित्रवत व्यवहार का निर्देश

Image: Jagran
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने पुलिस अधिकारियों को जनता से मित्रवत व्यवहार करने और हिरासत में यातना की घटनाओं को रोकने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कानून का निष्पक्ष क्रियान्वयन पुलिस की जिम्मेदारी है। साथ ही, उन्होंने 80 करोड़ रुपये की लागत से 'शिल्प, संस्कृति एवं पर्यटन केंद्र' की आधारशिला रखी।
- 01सीएम मांझी ने पुलिस को जनता के साथ मित्रवत व्यवहार करने का निर्देश दिया।
- 02पिछले एक महीने में तीन पुलिस थानों पर हिरासत में यातना के आरोप लगे हैं।
- 03ओडिशा की दोषसिद्धि दर बढ़कर 87.6 प्रतिशत हो गई है।
- 04पुलिस को साइबर अपराध और संगठित अपराध से निपटने के लिए तकनीकी रूप से सक्षम होना होगा।
- 0580 करोड़ रुपये की लागत से 'शिल्प, संस्कृति एवं पर्यटन केंद्र' की आधारशिला रखी गई।
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ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने पुरी में पुलिस विभाग की अवसंरचना परियोजनाओं के उद्घाटन के दौरान पुलिस अधिकारियों को जनता के साथ मित्रवत व्यवहार करने और कानून-व्यवस्था को पारदर्शी बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने हाल में तीन पुलिस थानों में हिरासत में यातना के आरोपों पर चिंता जताई, जो पुलिस की छवि को नुकसान पहुंचाते हैं। मांझी ने कहा कि कानून का निष्पक्ष क्रियान्वयन पुलिस की जिम्मेदारी है और दोषियों को दंड मिलना चाहिए। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) लागू होने के बाद ओडिशा की दोषसिद्धि दर 87.6 प्रतिशत तक पहुंच गई है। उन्होंने साइबर अपराध और संगठित अपराध से निपटने के लिए पुलिस को तकनीकी रूप से सक्षम करने की आवश्यकता पर बल दिया। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने पिपिली में 80 करोड़ रुपये की लागत से 'शिल्प, संस्कृति एवं पर्यटन केंद्र' की आधारशिला रखी, जो स्थानीय कारीगरों की आजीविका को मजबूत करने में मदद करेगा।
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पुलिस के मित्रवत व्यवहार से आम जनता में विश्वास बढ़ेगा और कानून-व्यवस्था में सुधार होगा।
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