हरियाणा में परिवार पहचान पत्र योजना से महिला सशक्तीकरण को मिला बल
हरियाणा के 30 प्रतिशत से अधिक परिवारों की मुखिया महिलाएं, परिवार पहचान पत्र बना महिला सशक्तीकरण का मजबूत आधार

Image: Jagran
हरियाणा में परिवार पहचान पत्र योजना के तहत 30% से अधिक परिवारों की मुखिया महिलाएं हैं, जो महिला सशक्तीकरण और पारदर्शी प्रशासन का प्रतीक है। कुल 77.50 लाख परिवारों में 23.30 लाख परिवारों की मुखिया महिलाएं हैं।
- 01हरियाणा में कुल 77.50 लाख परिवार पहचान पत्र पंजीकृत हैं।
- 0223.30 लाख परिवारों की मुखिया महिलाएं हैं, जो कुल का 30.07% है।
- 03फरीदाबाद में 1.61 लाख परिवारों की मुखिया महिलाएं हैं, जो सबसे अधिक हैं।
- 04परिवार पहचान पत्र में 105 प्रकार के रिश्तों को दर्ज करने की सुविधा है।
- 05डिजिटल सत्यापन से नागरिकों को दस्तावेज़ जमा करने की आवश्यकता नहीं पड़ती।
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हरियाणा में परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) योजना महिला सशक्तीकरण का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनकर उभरी है। इस योजना के तहत कुल 77.50 लाख परिवारों में से 23.30 लाख परिवारों की मुखिया महिलाएं हैं, जो कुल का लगभग 30.07 प्रतिशत है। पीपीपी के स्टेट कार्डिनेटर डा. सतीश खोला के अनुसार, यह योजना 2.99 करोड़ नागरिकों का एकीकृत डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करती है, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ तेजी से और पारदर्शिता के साथ पहुंचता है। फरीदाबाद में सबसे अधिक 1.61 लाख परिवारों की मुखिया महिलाएं हैं, इसके बाद करनाल, सोनीपत, जींद और गुरुग्राम का स्थान है। परिवार पहचान पत्र की विशेषता इसकी व्यापक पारिवारिक संरचना है, जिसमें 105 प्रकार के रिश्तों को दर्ज किया जा सकता है। इससे सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों की पहचान अधिक प्रभावी ढंग से संभव हो रही है। डा. खोला ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने परिवार पहचान पत्र की जानकारी को समय-समय पर अपडेट करते रहें।
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महिला मुखिया परिवारों की संख्या में वृद्धि से सामाजिक भागीदारी और नेतृत्व क्षमता में सुधार हो रहा है।
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