दिल्ली हाईकोर्ट ने जिमखाना क्लब और पोलो ग्राउंड पर केंद्र की योजना को लेकर उठाए सवाल
जिमखाना क्लब को हाईकोर्ट से मिली संजीवनी? जज ने केंद्र से पूछे तीखे सवाल, दिल्ली की बची-खुची सांसों पर संकट!

Image: News 18 Hindi
दिल्ली हाईकोर्ट ने लुटियंस ज़ोन में जिमखाना क्लब और पोलो ग्राउंड को केंद्र सरकार द्वारा कब्जे में लेने की योजना पर चिंता जताई। जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने कहा कि दिल्ली में हरित क्षेत्र पहले ही कम हैं और इन जगहों का खत्म होना गंभीर संकट पैदा करेगा।
- 01दिल्ली हाईकोर्ट ने जिमखाना क्लब और पोलो ग्राउंड को केंद्र द्वारा कब्जे में लेने की योजना पर चिंता जताई।
- 02जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने कहा कि दिल्ली में हरित क्षेत्र पहले से ही कम हैं।
- 03अगर ये खुली जगहें खत्म हुईं, तो दिल्लीवासियों के लिए सांस लेना और मुश्किल हो जाएगा।
- 04कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा कि क्या ऊंची इमारतें बनाने की योजना है।
- 05अगली सुनवाई 10 जून को होगी।
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दिल्ली हाईकोर्ट ने लुटियंस ज़ोन में स्थित दिल्ली जिमखाना क्लब और पोलो ग्राउंड को केंद्र सरकार द्वारा अपने नियंत्रण में लेने की योजना पर गहरी चिंता व्यक्त की है। जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने सुनवाई के दौरान कहा कि दिल्ली में हरित क्षेत्र पहले से ही कम हैं और इन जगहों का खत्म होना आत्मघाती होगा। अदालत ने चेतावनी दी कि यदि एनडीएमसी क्षेत्र की ये आखिरी खुली जगहें भी समाप्त हो गईं, तो दिल्लीवासियों के लिए सांस लेना और भी कठिन हो जाएगा। कोर्ट ने केंद्र सरकार से तीखा सवाल पूछा कि क्या वह इस सुरक्षित और ऐतिहासिक ग्रीन बेल्ट में ऊंची इमारतें बनाने की योजना बना रही है। इस मामले की अगली सुनवाई 10 जून को होगी, जहां केंद्र को जवाब देना होगा।
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यदि जिमखाना क्लब और पोलो ग्राउंड को केंद्र द्वारा कब्जे में लिया जाता है, तो दिल्ली के हरित क्षेत्रों में और कमी आएगी।
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