मुंबई कोर्ट ने एक्सीडेंट मामले में जुर्माना पीड़ित को मुआवजे के रूप में देने का आदेश दिया
मुंबई: 'जुर्माने की राशि पीड़ित को मुआवजे के तौर पर दी जाए', एक्सीडेंट के मामले में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने सुनाया फैसला
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Image: Jagran
मुंबई में एक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने 2017 में हुई एक सड़क दुर्घटना के मामले में आरोपी को 20,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। कोर्ट ने कहा कि जुर्माने की राशि पीड़ित निधि जेठमलानी को मुआवजे के तौर पर दी जाएगी, जो दुर्घटना के बाद कोमा में चली गई थीं। पीड़ित के परिवार ने इस फैसले पर निराशा जताई है।
- 01दुर्घटना में पीड़ित निधि जेठमलानी को गंभीर चोटें आईं और वह कोमा में चली गईं।
- 02आरोपी पी. नारायणसामी पूसारिपदैयाली को 20,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
- 03कोर्ट ने आरोपी की पहली बार गलती को ध्यान में रखते हुए नरम रुख अपनाया।
- 04पीड़ित के पिता ने उम्मीद जताई थी कि आरोपी को कम से कम दो साल की सजा मिलेगी।
- 05कोर्ट के फैसले के बाद पीड़ित के परिवार ने उच्च न्यायालय में अपील करने का संकेत दिया।
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मुंबई में मजिस्ट्रेट सुप्रिया विजयसिंह निकम ने 2017 में हुई एक सड़क दुर्घटना के मामले में आरोपी पी. नारायणसामी पूसारिपदैयाली पर 20,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। यह दुर्घटना मरीन ड्राइव पर हुई थी, जिसमें 17 वर्षीय कॉलेज छात्रा निधि जेठमलानी गंभीर रूप से घायल हुई थीं और अब वह कोमा जैसी स्थिति में हैं। कोर्ट ने कहा कि जुर्माने की राशि यदि वसूल होती है, तो इसे निधि को मुआवजे के रूप में दिया जाएगा। आरोपी ने अपनी गलती को स्वीकार करते हुए नरम सजा की प्रार्थना की थी, जबकि पीड़ित के परिवार ने इस फैसले पर निराशा जताई है। निधि के पिता ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि आरोपी को जेल की सजा मिलेगी, लेकिन कोर्ट ने आरोपी की पहली बार गलती को ध्यान में रखते हुए नरम रुख अपनाया। अब परिवार इस फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती देने पर विचार कर रहा है।
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इस फैसले से सड़क सुरक्षा और न्याय प्रणाली पर सवाल उठते हैं।
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