उत्तराखंड में नारी शक्ति वंदन अधिनियम और परिसीमन से राजनीतिक समीकरण में बदलाव
नारी शक्ति वंदन अधिनियम और परिसीमन पर उत्तराखंड में घमासान, बदलेगा विस सीटों का समीकरण
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उत्तराखंड में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। परिसीमन के बाद विधानसभा सीटों का समीकरण भी बदलने की संभावना है, जिससे पर्वतीय क्षेत्रों में सीटों की संख्या घट सकती है। राजनीतिक दलों के बीच इस मुद्दे पर घमासान जारी है।
- 01नारी शक्ति वंदन अधिनियम से महिलाओं को 33% आरक्षण मिलेगा।
- 02परिसीमन के बाद विधानसभा सीटों का समीकरण बदल सकता है।
- 03पर्वतीय क्षेत्रों में सीटों की संख्या घटने की संभावना है।
- 04भाजपा और कांग्रेस के बीच इस मुद्दे पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप हो रहे हैं।
- 05अगले विधानसभा चुनाव में यह अधिनियम लागू होने की संभावना कम है।
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उत्तराखंड में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत महिलाओं को लोकसभा और राज्य विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। इसके साथ ही, परिसीमन के बाद विधानसभा सीटों का समीकरण भी बदलने की संभावना है। पर्वतीय क्षेत्रों में जनसंख्या कम होने के कारण सीटों की संख्या घट सकती है, जबकि मैदानी क्षेत्रों में यह बढ़ने की उम्मीद है। वर्तमान में विधानसभा की 70 सीटों में बहुमत पर्वतीय जिलों के पास है, लेकिन परिसीमन के बाद यह संख्या 100 को पार कर सकती है। इस मुद्दे पर भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, जहां भाजपा ने कांग्रेस पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया है। वहीं, कांग्रेस ने इस अधिनियम को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले लागू करने की मांग की है।
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इस अधिनियम और परिसीमन का प्रभाव महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी में वृद्धि और पर्वतीय क्षेत्रों की राजनीतिक स्थिति पर होगा।
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