भारत को मिला चौथा S-400 एयर डिफेंस सिस्टम, पाकिस्तान-चीन की बढ़ी चिंता
S-400: पाकिस्तान-चीन की उड़ने वाली है नींद! भारत के दोस्त रूस ने भेज दिया चौथा 'सुदर्शन चक्र'
Nbt NavbharattimesImage: Nbt Navbharattimes
भारत ने रूस से चौथा S-400 एयर डिफेंस सिस्टम प्राप्त किया है, जो पाकिस्तान और चीन की सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा सकता है। यह सिस्टम ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की एयरफोर्स की क्षमताओं को नाकाम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुका है। भारत को अभी एक और स्क्वाड्रन प्राप्त होना है।
- 01भारत ने रूस से चौथा S-400 स्क्वाड्रन प्राप्त किया है, जो एयर डिफेंस को मजबूत करेगा।
- 02S-400 सिस्टम ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के एक निगरानी विमान को 300 किलोमीटर से अधिक दूरी से गिराया था।
- 03भारत को अभी रूस से एक और S-400 स्क्वाड्रन प्राप्त होना है, जिसकी तैनाती जल्द ही की जा सकती है।
- 04डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल ने S-400 के पांच और स्क्वाड्रनों की खरीद को मंजूरी दी है।
- 05भारत 'प्रोजेक्ट कुशा' पर भी काम कर रहा है, जिससे वह अपने खुद के एयर डिफेंस सिस्टम विकसित कर सके।
Advertisement
In-Article Ad
भारत ने अपने एयर डिफेंस को मजबूत करने के लिए रूस से चौथा S-400 'सुदर्शन चक्र' स्क्वाड्रन प्राप्त किया है। यह सिस्टम पाकिस्तान और चीन की सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा सकता है, क्योंकि यह पहले ही ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की एयरफोर्स की क्षमताओं को नाकाम करने में सफल रहा था। S-400 ने 300 किलोमीटर से अधिक दूरी पर एक महत्वपूर्ण निगरानी विमान को गिराकर सतह से हवा में मार करने का रिकॉर्ड बनाया। भारत को अब रूस से एक और स्क्वाड्रन प्राप्त होना है, जिसकी तैनाती चीन या पाकिस्तान की सीमा पर की जा सकती है। डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल ने S-400 के पांच और स्क्वाड्रनों की खरीद को पहले ही मंजूरी दी है। इसके अलावा, भारत एक स्वदेशी एयर डिफेंस सिस्टम विकसित करने के लिए 'प्रोजेक्ट कुशा' पर भी काम कर रहा है, जिसमें सोलर इंडस्ट्रीज जैसी कंपनियां शामिल हैं।
Advertisement
In-Article Ad
भारत के एयर डिफेंस में सुधार से पाकिस्तान और चीन की सुरक्षा चिंताएँ बढ़ेंगी, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा संतुलन प्रभावित हो सकता है।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
आपको क्या लगता है, S-400 सिस्टम का भारत की सुरक्षा पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।

