रोहतक: किडनी ट्रांसप्लांट के बाद मरीज की मौत, पीजीआई पर लापरवाही के आरोप
Rohtak News: किडनी ट्रांसप्लांट के 21 दिन बाद इंफेक्शन से मरीज की मौत, पीजीआई पर आरोप

Image: Amar Ujala
रोहतक के पीजीआई में किडनी ट्रांसप्लांट के 21 दिन बाद प्रदीप की मौत हो गई। परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाया, जबकि पीजीआई ने सभी आरोपों को खारिज किया। मरीज को पहले से स्वास्थ्य समस्याएं थीं और इलाज मेदांता में चल रहा था।
- 01प्रदीप को 16 मई को पीजीआई में किडनी ट्रांसप्लांट किया गया था।
- 0221 दिन बाद प्रदीप की मौत फंगल इंफेक्शन के कारण हुई, जो ऑपरेशन के बाद विकसित हुआ।
- 03पीजीआई ने आरोपों को नकारते हुए कहा कि मरीज को 14 दिन बाद छुट्टी दी गई थी।
- 04परिजनों ने मेदांता अस्पताल में जाने के बाद प्रदीप की मौत की बात कही।
- 05पीजीआई ने अब तक 40 किडनी ट्रांसप्लांट किए हैं, जिसमें किसी अन्य मरीज को समस्या नहीं हुई।
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रोहतक के पीजीआई में किडनी ट्रांसप्लांट के 21 दिन बाद प्रदीप की मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों ने अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगाया है। प्रदीप को 16 मई को एक ब्रेन डेड व्यक्ति की किडनी ट्रांसप्लांट की गई थी। ऑपरेशन सफल रहा, लेकिन पोस्ट ऑपरेटिव केयर के दौरान उसे फंगल इंफेक्शन हो गया, जो तेजी से उसके फेफड़ों और दिमाग तक फैल गया। प्रदीप कोमा में चले गए और 16 दिन बाद गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में उनकी मृत्यु हो गई। पीजीआई के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. वरुण अरोड़ा ने कहा कि मरीज को 14 दिन बाद अस्पताल से छुट्टी दी गई थी और वह उस समय स्वस्थ थे। उन्होंने यह भी बताया कि मरीज का पहले से ही अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का इलाज चल रहा था। पीजीआई ने अब तक 40 किडनी ट्रांसप्लांट किए हैं और किसी अन्य मरीज को कोई दिक्कत नहीं आई है। यदि परिजनों द्वारा कोई लिखित शिकायत की जाती है, तो आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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इस घटना से पीजीआई की प्रतिष्ठा पर असर पड़ सकता है और मरीजों के परिवारों में चिंता बढ़ सकती है।
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