सुप्रीम कोर्ट ने कपूर परिवार विवाद में मध्यस्थता की सलाह दी
सौहार्दपूर्ण तरीके से सुलझाइए, वरना किसी का फायदा नहीं...कपूर Vs कपूर विवाद में सुप्रीम कोर्ट
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सुप्रीम कोर्ट ने कपूर परिवार के विवाद में दो स्वतंत्र निदेशकों की नियुक्ति पर रोक लगाते हुए कहा है कि मामला आपसी सहमति से सुलझाया जाए। कोर्ट ने 80 वर्षीय रानी कपूर की संवेदनशीलता का ध्यान रखने की सलाह दी है और कहा कि यदि परिवार मध्यस्थता में रुचि नहीं रखता है, तो वह सीधे सुनवाई करेगा।
- 01सुप्रीम कोर्ट ने कपूर परिवार के विवाद में दो स्वतंत्र निदेशकों की नियुक्ति पर रोक लगाई।
- 02कोर्ट ने रानी कपूर की उम्र और संवेदनशीलता का ध्यान रखने की सलाह दी।
- 03मामला आपसी सहमति से सुलझाने का निर्देश दिया गया।
- 04यदि परिवार मध्यस्थता में रुचि नहीं रखता, तो कोर्ट सीधे सुनवाई करेगा।
- 05आरबीआई के निर्देशों का पालन करने की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई।
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कपूर परिवार के विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने दो स्वतंत्र निदेशकों की नियुक्ति पर रोक लगा दी है और परिवार को सलाह दी है कि वे मामले को आपसी सहमति से सुलझाएं। जस्टिस जे.बी. पारदीवाला ने रानी कपूर की उम्र का ध्यान रखने की बात की और कहा कि उन्हें संवेदनशीलता से पेश आना चाहिए। रानी कपूर ने आरोप लगाया कि प्रिया कपूर मध्यस्थता प्रक्रिया से पहले कंपनी RIPL के वित्तीय नियंत्रण पर कब्जा करने की कोशिश कर रही हैं। कोर्ट ने कहा कि अगर परिवार मध्यस्थता में रुचि नहीं रखता है, तो वह सीधे इस केस की सुनवाई करेगा। इस बीच, आरबीआई ने दो स्वतंत्र निदेशकों की नियुक्ति के लिए 21 मई तक का समय दिया है।
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यह निर्णय कपूर परिवार के सदस्यों के बीच आपसी संबंधों को प्रभावित करेगा और कंपनी के प्रबंधन पर भी असर डालेगा।
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