दरभंगा में श्मशान घाट पर रसोई गैस से शव का अंतिम संस्कार, उपभोक्ता परेशान
श्मशान घाट में रसोई गैस से हो रहा अंतिम संस्कार, LPG संकेट के बीच दरभंगा में चौंकाने वाला खुलासा
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दरभंगा, बिहार में रसोई गैस की कमी के कारण लोग परेशान हैं। श्मशान घाट में शवों के अंतिम संस्कार के लिए घरेलू गैस सिलिंडर का उपयोग किया जा रहा है, जो कि प्रतिबंधित है। नगर निगम के कर्मियों का कहना है कि उन्हें सिलिंडर के स्रोत की जानकारी नहीं है, जबकि स्थानीय प्रशासन इस मामले की जांच कर रहा है।
- 01दरभंगा में रसोई गैस की कमी से उपभोक्ता परेशान हैं।
- 02श्मशान घाट में शवों के अंतिम संस्कार के लिए घरेलू गैस सिलिंडर का उपयोग हो रहा है।
- 03यह प्रक्रिया प्रतिबंधित है और नगर निगम कर्मियों को इसकी जानकारी नहीं है।
- 04एक महीने में 50 से अधिक रसोई गैस सिलिंडर का उपयोग शव जलाने के लिए किया जा रहा है।
- 05स्थानीय प्रशासन इस मामले की जांच कर रहा है।
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दरभंगा जिले, बिहार में रसोई गैस की कमी के चलते उपभोक्ता परेशानी का सामना कर रहे हैं। शहर के भीगो स्थित श्मशान घाट में शवों के अंतिम संस्कार के लिए घरेलू गैस सिलिंडर का उपयोग किया जा रहा है, जो कि नियमों के खिलाफ है। नगर निगम के कर्मियों का कहना है कि उन्हें यह नहीं पता कि ये सिलिंडर कहां से आ रहे हैं। एक शव के जलाने में लगभग 90 मिनट लगते हैं और इस प्रक्रिया में 14 लीटर वाले दो घरेलू गैस सिलिंडर की खपत होती है। सूत्रों के अनुसार, एक महीने में 25-30 शव जलाए जाते हैं, जिनमें से 10-15 शव गैस प्लांट में जलाए जाते हैं। इस स्थिति पर नगर निगम के उपनगर आयुक्त जयचंद अकेला ने कहा कि वह इस मामले की जांच कर रहे हैं।
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इस स्थिति से स्थानीय लोगों को अंतिम संस्कार के लिए आवश्यक गैस सिलिंडर की कमी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनकी भावनात्मक और आर्थिक स्थिति पर प्रभाव पड़ रहा है।
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