यूपी में स्मार्ट प्रीपेड मीटरों की शिकायतों पर CPRI जांच की मांग
यूपी में स्मार्ट प्रीपेड मीटर की बढ़ती शिकायतों को लेकर उठे गंभीर सवाल, उपभोक्ता परिषद ने की CPRI जांच की मांग
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उत्तर प्रदेश में 84 लाख से अधिक स्मार्ट प्रीपेड मीटरों में गड़बड़ियों की बढ़ती शिकायतों के बीच, राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने केंद्रीय विद्युत अनुसंधान संस्थान (सीपीआरआई) से जांच कराने की मांग की है। उपभोक्ता संगठनों और तकनीकी विशेषज्ञों की भागीदारी की भी जरूरत बताई गई है।
- 0184 लाख से अधिक स्मार्ट प्रीपेड मीटरों में शिकायतें बढ़ी हैं।
- 02उपभोक्ता परिषद ने CPRI से जांच की मांग की है।
- 03जांच में तकनीकी त्रुटियों का पता लगाने पर जोर दिया गया है।
- 04उपभोक्ता संगठनों और विशेषज्ञों को शामिल करने की आवश्यकता है।
- 05जांच प्रक्रिया में डेटा ट्रांसमिशन और बिलिंग की तकनीकी समस्याओं को ध्यान में रखा जाएगा।
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उत्तर प्रदेश में 84 लाख से अधिक स्मार्ट प्रीपेड मीटरों में गड़बड़ियों की बढ़ती शिकायतों के मद्देनजर, राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने केंद्रीय विद्युत अनुसंधान संस्थान (सीपीआरआई) बेंगलुरु से जांच कराने की मांग की है। उन्होंने बताया कि ये मीटर डिजिटल और संचार आधारित प्रणाली पर कार्य करते हैं, इसलिए इनकी जांच को हेड एंड सिस्टम (एचईएस) और क्लाउड आधारित डेटा मैनेजमेंट सिस्टम के साथ जोड़ा जाना चाहिए। इससे डेटा ट्रांसमिशन, रिमोट कम्युनिकेशन, प्रीपेड बैलेंस, बिलिंग और सर्वर प्रोसेसिंग में तकनीकी त्रुटियों का पता चल सकेगा। वर्मा ने सुझाव दिया कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर के सैंपल उपभोक्ताओं के परिसरों से उठाकर भेजे जाने चाहिए और जांच प्रक्रिया में उपभोक्ता संगठनों, तकनीकी विशेषज्ञों और नियामक आयोग के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाना चाहिए।
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यदि जांच में गड़बड़ियों की पुष्टि होती है, तो इससे उपभोक्ताओं को सही बिलिंग और बेहतर सेवा मिलने की उम्मीद बढ़ेगी।
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