मां क्षिप्रा को प्रदूषण मुक्त करने के लिए 81 करोड़ रुपये की परियोजना की मंजूरी
MP News: नमामि गंगे के तहत मां क्षिप्रा को प्रदूषण मुक्त बनाने 81 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी

Image: Amar Ujala
भारत सरकार के राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन ने मां क्षिप्रा नदी को प्रदूषण मुक्त करने के लिए 81 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी है। इस परियोजना के तहत उज्जैन में सीवरेज जल के उपचार के लिए एक आधुनिक ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया जाएगा, जिससे नदी की जल गुणवत्ता में सुधार होगा।
- 01प्रोजेक्ट की लागत 81 करोड़ रुपये है।
- 02उज्जैन में 24.30 एमएलडी क्षमता का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) स्थापित किया जाएगा।
- 03इस परियोजना से मां क्षिप्रा नदी के जल की गुणवत्ता में सुधार होगा।
- 04परियोजना से उज्जैन शहर की स्वच्छता और जनस्वास्थ्य में सुधार होगा।
- 05नियमित निगरानी सुनिश्चित करेगी कि कार्य समय पर पूरा हो।
Advertisement
In-Article Ad
भारत सरकार के राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) ने मां क्षिप्रा नदी को प्रदूषण मुक्त करने के लिए 81 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी है। इस परियोजना का उद्देश्य उज्जैन शहर से निकलने वाले सीवरेज जल का वैज्ञानिक उपचार करना है, जिससे नदी में प्रदूषित जल का प्रवाह रोका जा सके। इसके तहत 24.30 एमएलडी क्षमता का एक अत्याधुनिक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) स्थापित किया जाएगा। परियोजना के पूरा होने के बाद, शहर के अपशिष्ट जल का वैज्ञानिक तरीके से शोधन किया जाएगा, जिससे मां क्षिप्रा के जल की गुणवत्ता में सुधार होगा। नगरीय विकास एवं आवास आयुक्त संकेत भोंडवे ने बताया कि इस पहल से पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और उज्जैन की स्वच्छता में सुधार होगा, जिससे जनस्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। परियोजना की नियमित निगरानी की जाएगी ताकि निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण कर नागरिकों को इसका लाभ मिल सके।
Advertisement
In-Article Ad
इस परियोजना से मां क्षिप्रा नदी की जल गुणवत्ता में सुधार होगा, जिससे उज्जैन शहर की स्वच्छता और जनस्वास्थ्य में सुधार होगा।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आप मां क्षिप्रा नदी को प्रदूषण मुक्त करने के लिए इस परियोजना का समर्थन करते हैं?
Connecting to poll...
More about राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।






