आजमगढ़ में 972 वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण खारिज, सुधार के लिए दी गई समय सीमा
Azamgarh News: उम्मीद पोर्टल’ पर दर्ज 972 वक्फ संपत्तियां कर दी गईं खारिज
Amar Ujala
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आजमगढ़, उत्तर प्रदेश में शिया और सुन्नी वक्फ बोर्ड द्वारा ‘उम्मीद पोर्टल’ पर दर्ज 972 वक्फ संपत्तियों को तकनीकी खामियों के चलते खारिज कर दिया गया है। इन संपत्तियों को 6 जून तक सुधार कर फिर से प्रस्तुत किया जा सकता है।
- 01972 वक्फ संपत्तियों को तकनीकी खामियों के चलते खारिज किया गया।
- 02संपत्तियों के पुनः पंजीकरण के लिए 6 जून तक का समय दिया गया है।
- 03खारिज संपत्तियों में 822 सुन्नी और 150 शिया वक्फ संपत्तियां शामिल हैं।
- 04पंजीकरण के दौरान कई बुनियादी त्रुटियां सामने आईं।
- 05संपत्तियों का पंजीकरण वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 के तहत अनिवार्य है।
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आजमगढ़, उत्तर प्रदेश में शिया और सुन्नी वक्फ बोर्ड ने ‘उम्मीद पोर्टल’ पर दर्ज 972 वक्फ संपत्तियों को तकनीकी खामियों के कारण खारिज कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार, खारिज होने का मतलब यह नहीं है कि ये संपत्तियां वक्फ की नहीं रहीं; बल्कि इन्हें सुधार कर 6 जून तक फिर से प्रस्तुत किया जा सकता है। केंद्र सरकार ने वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 लागू करने के बाद सभी वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण ‘उम्मीद पोर्टल’ पर अनिवार्य कर दिया था। सुन्नी वक्फ बोर्ड की 2841 और शिया वक्फ बोर्ड की 368 संपत्तियों को पोर्टल पर दर्ज किया गया था, जिनमें से 972 संपत्तियां निरस्त कर दी गईं। इनमें 822 सुन्नी वक्फ और 150 शिया वक्फ संपत्तियां शामिल हैं। पंजीकरण के दौरान वक्फ नंबर, खसरा-खतौनी और दस्तावेजों में असंगति जैसे कई बुनियादी त्रुटियां पाई गईं। जिन संपत्तियों का पंजीकरण खारिज हुआ है, उनके मुतवल्ली या सचिव अपने लॉगिन आईडी के जरिए पोर्टल पर जाकर स्थिति देख सकते हैं और आवश्यक सुधार कर पुनः आवेदन कर सकते हैं।
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संपत्तियों के पंजीकरण में खामियों के कारण वक्फ संपत्तियों की स्थिति प्रभावित हो सकती है, जिससे संबंधित समुदायों को आर्थिक और सामाजिक नुकसान हो सकता है।
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