मुंबई की एअर इंडिया कॉलोनियों का समापन, आखिरी परिवार ने छोड़ा आशियाना
इतिहास का हिस्सा हो गईं मुंबई की एअर इंडिया कॉलोनियां, आखिरी परिवार ने भी छोड़ा आशियाना

Image: Jagran
मुंबई की एअर इंडिया कॉलोनियां, जो 1955 में स्थापित हुई थीं, अब इतिहास का हिस्सा बन गई हैं। हाल ही में, लगभग 150 निवासियों में से आखिरी परिवार ने अपने फ्लैट खाली कर दिए हैं, और मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (MIAL) इस भूमि का कब्जा लेगा।
- 01एअर इंडिया कॉलोनियों का निर्माण 1955 में शुरू हुआ था और ये एयरलाइन की आखिरी रियल-एस्टेट संपत्ति थीं।
- 022022 में एअर इंडिया के निजीकरण के बाद निवासियों ने अपने अधिकारों के लिए कानूनी लड़ाई लड़ी, जो सुप्रीम कोर्ट में समाप्त हुई।
- 03कॉलोनी में 600 परिवार रहते थे, जिनमें से अधिकांश अब वहां से चले गए हैं।
- 04कॉलोनी के मैदान ने कई क्रिकेट और फुटबॉल खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई।
- 05कॉलोनी में दो सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल हैं, जो बेदखली से सुरक्षित हैं।
Advertisement
In-Article Ad
मुंबई की एअर इंडिया कॉलोनियां, जो 1955 में स्थापित हुई थीं, अब इतिहास का हिस्सा बन गई हैं। कलीना में फैली ये कॉलोनियां, जो एअर इंडिया की आखिरी रियल-एस्टेट संपत्ति थीं, अब लगभग खाली हो चुकी हैं। पिछले कुछ हफ्तों में, कॉलोनी के लगभग 150 निवासियों में से आखिरी परिवार ने भी अपने फ्लैट खाली कर दिए हैं। मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (MIAL) को दो दशक पहले लीज पर दी गई इस भूमि का कब्जा अब लिया जाएगा। एअर इंडिया के निजीकरण के बाद, निवासियों ने अपने अधिकारों के लिए लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी, जो सुप्रीम कोर्ट में समाप्त हुई। कॉलोनी में 600 परिवार रहते थे, जिनमें से अधिकांश अब वहां से चले गए हैं। इस कॉलोनी का महत्व केवल आवासीय नहीं था, बल्कि यहां के खेल मैदानों ने कई खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। कॉलोनी में दो सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल भी हैं, जो बेदखली से सुरक्षित हैं।
Advertisement
In-Article Ad
कॉलोनी के खाली होने से स्थानीय खेल और शिक्षा पर प्रभाव पड़ेगा।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि एअर इंडिया कॉलोनियों का समापन स्थानीय समुदाय पर नकारात्मक प्रभाव डालेगा?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।



